संपादकीय/लेख/आलेखसाहित्य दर्पण

आज़ादी का अमृत महोत्सव 75 वां स्वतंत्रता दिवस कुछ अनूठा  करें

भूतकाल से सीखें, वर्तमान में क्रियान्वयन करें और भविष्य का संकल्प लेकर मनाएं

आज़ादी का 75 वां स्वतंत्रता अमृत महोत्सव दिवस – नए संकल्प, भूतकाल वर्तमान और भविष्य काल के सांझा अनुभव पिरोकर नए आत्मनिर्भर भारत का संकल्प लें – एड किशन भावनानी

भारत में आज़ादी का अमृत महोत्सव इस साल 12 मार्च को महात्मा गांधी के साबरमती आश्रम से 15 अगस्त, 2022 को देश की आज़ादी की 75 वीं वर्षगांठ से जुड़ी 75 सप्ताह की उलटी गिनती के साथ शुरू किया गया था। तब से, जम्मू-कश्मीर से लेकर पुडुचेरी और गुजरात से लेकर पूर्वोत्तर तक पूरे देश में अमृत महोत्सव से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।…साथियों बात अगर हम 15 अगस्त 2021 की करें तो कोरोना महामारी की तीसरी लहर के खतरे और दूसरी लहर के कुछ राज्यों में आंशिक असर होने के कारण, देश का 75वां स्‍वतंत्रता दिवस इस साल कुछ अलग अंदाज में मनाएंगे। कोरोना महामारी के चलते इस बार स्‍कूलों, कॉलेजों सहित सारे सरकारी, निजी संस्‍थानों में परेड, सांस्‍कृतिक आयोजन तो नहीं होंगे लेकिन देश की आज़ादी की वर्षगांठ को लेकर उत्‍साह में कमी नहीं रहेगी। इस ऑनलाइन दौर में ऑनलाइन बधाइयां दी जाएंगी और आज़ादी के किस्‍से कहे-सुने जाएंगे।…साथियों बात अगर हम आज़ादी के अमृत महोत्सव 75वां स्वतंत्रता दिवस मनाने की करें तो हमें याद रखना होगा, एक शिक्षाविद् एक महान स्वतंत्रता सेनानी और लाखों भारतीयों के दिलों में गर्व और देशभक्ति का भाव जगाने वाले भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के डिजाइनर श्री पिंगली वैंकेया गारू हैं। वर्ष 1916 में, पिंगली वेंकैया ने विभिन्न देशों के झंडों का वर्णन करते हुए अ नेशनल फ्लैग फोर इंडिया (भारत के लिए एक राष्ट्रीय ध्वज) नाम की एक किताब प्रकाशित की थी और भारतीय राष्ट्रीय ध्वज को लेकर अपने विचार भी दिए थे…। साथियों बात अगर हम एक अनूठी पहल की करें तो,आज़ादी का अमृत महोत्सव भारत की आजादी का 75वां वर्ष मनाने के उपलक्ष्य में पूरे देश में मनाया जा रहा है। इस महोत्सव के तहत जन भागीदारी बढ़ाने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। संस्कृति मंत्रालय द्वारा इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस मनाने के लिए राष्ट्रगान से जुड़ी ऐसी ही एक अनूठी पहल शुरू की गई है ताकि सभी भारतीयों में गर्व और एकता की भावना भरी जाए। इसमें लोगों को राष्ट्रगान गाने और वेबसाइट पर वीडियो अपलोड करने के लिए आमंत्रित किया गया है। राष्ट्रगान का संकलन 15 अगस्त, 2021 को लाइव दिखाया जाएगा। हम हर साल आज़ादीके किस्से याद करते हैं, सुनते हैं, सुनाते हैं, तो जांबाजी का जज़्बा भर जाता है। बहादुरी की लहर उमड़ पड़ती है, खुशी महसूस होती है और हमारी उन पीढ़ियों पर गर्व महसूस होता है जिसके कारण आज हम आज़ाद पंछी की तरह चहकते फिर रहे हैं।…साथियों बात अगर हम और एक अनूठी पहल की करें तो मेरा अपना निजीमत है कि इस बार हम आज़ादी का अमृत महोत्सव चार कदम आगे बढ़कर मनाएं, जिसमें एक ऐसी सोच शामिल हो कि कुछ अनूठा करें, हम पिछले दशकों से और विशेषकर पिछले साल और अभी 2021 में कोरोना महामारी सहित विभिन्न आपदाओं से सबक सीखने और उन पर बहुमूल्य विचार, सुझाव सचेत करने के कार्यों को अभी वर्तमान में सकारात्मक अनुभव सहित क्रियान्वयन करें, और आने वाले भविष्य के हर पल के लिए सिर्फ अपने लिए ही नहीं संपूर्ण भारतवर्ष को आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए संकल्प करें। भारत को फिर सोने की चिड़िया बनाने के लिए पूरा भारत परिवार एक साथ भिड़ जाए तो वह दिन दूर नहीं, जब विश्व पर राज़ करने का जज़्बा भरेंगे।…साथियों बात अगर हम पूरे भारतवर्ष की के आत्मनिर्भर भारत बनाने की करें तो कदम बढ़ाना शुरू हो गया है। हम जिस तरह इलेक्ट्रॉनिक व प्रिंट मीडिया में रिपोर्ट, योजनाएं पढ़ते सुनते आ रहे हैं और ऐसी सैकड़ों योजनाएं हमने पड़ी सुनी जिनका क्रियान्वयन शुरू हो गई है या आगे चलकर क्रियान्वयन होगी। बस जरूरत है हम सबको मिलकर एक साथ काम करने की!!!…साथियों बात अगर हम मिलजुल कर काम करने के संकल्प और भूतकाल से सीख, वर्तमान में क्रियान्वयन और भविष्य में संकल्प भी करें तो अभी भी बात बिगड़ी नहीं है!!! बड़े बुजुर्ग का कहना हैं कि जब जागे तभी सबेरा जब मन में संकल्प और जज़्बा आए तो उसी दिन एक नए दिन की शुरुआत की जा सकती है…। साथियों बात अगर हम वर्तमान 19 जुलाई से 13 अगस्त तक चलने वाले मानसून सत्र की करें तो सत्र 11 अगस्त को ही अनिश्चित काल के लिए स्थगित हो गया। सारे देश की जनता ने लाइव देखा मात्र 22 घंटे का कामकाज हुआ!!और वहांजो कुछ हुआ!!इसका ज़वाबदार कौन!! पक्ष!! या विपक्ष!! हमें इस गहराई में न जाकर बस!! इसे भूतकाल समझकर इससे सीख लेने की जरूरत है और आज से ही उपरोक्त त्रिकाल मंत्रों का पालन कर नए आत्मनिर्भर भारत बनाने के संकल्प की शुरुआत और प्रण लेकर पक्ष, विपक्ष,जाति धर्म,समाज,सभ भूलकर केवल और केवल भारतीय परिवार के रूप में आकर एक नई शुरुआत करें। अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर उसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि आज़ादी का अमृत महोत्सव 75 वां स्वतंत्रता दिवस में कुछ अनूठा संकल्प करें,!! भूतकाल से सीखें वर्तमान में उसका क्रियान्वयन करें और भविष्य में उससे अच्छा करने का संकल्प लेकर मनाए, आज़ादी का 75 वां स्वतंत्रता अमृत महोत्सव दिवस।

भारत माता की जय,वंदे मातरम

संस्कार और संस्कृति की शान मिले ऐसे
हिंदू मुस्लिम और हिंदुस्तान मिले ऐसे
हम मिलजुल कर रहे ऐसे
मंदिर में अल्लाह और मस्जिद में राम मिले जैसे
पक्ष विपक्ष मिलकर एक हो ऐसे
दशकों से बिछड़े भाई मिलें हो जैसे

स्वतंत्रता दिवस की सभी को शुभकामनाएं

-संकलनकर्ता लेखक- कर विशेषज्ञ एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र

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