बालाघाट दर्पणमध्य प्रदेश

राकेश चौरे पर लगे मानसिक रूप से प्रताड़ित करने व सेवा वृद्धि रोकने के आरोप

बालाघाट। डीडीआरसी बालाघाट एकाउंटेन्ट/ क्लर्क/ कम स्टोर कीपर मोना मेश्राम ने जानकारी देते हुए बताया कि राकेश कुमार चौरे जो कि जिला नि:शक्त पुनर्वास केन्द्र बालाघाट में प्रशासनिक अधिकारी के अतिरिक्त प्रभार पर विगत वर्षो से कार्यरत है।

राकेश चौरे द्वारा चरित्र पर उठाई उगलिया: मोना मेश्राम
चौरे द्वारा मुझे हमेशा से प्रताडित करने का कार्य किया जाता रहा है तथा मेरे चरित्र पर उगलिया उठाई गयी। इनके इसी व्यवहार से मैं काफी परेशान थी जिसके चलते मेरे द्वारा ०६ मार्च २०१९ को थाना कोतवाली में रिर्पोट दर्ज करवाई गई, जिसके तहत धारा ३५४, ३५४क के अतंर्गत मामला पंजीबद्ध किया गया है इस संबध में न्यायालय में प्रकरण विचाराधीन है।
एफआईआर उपरांत चौरे द्वारा हाई कोर्ट से जमानत प्राप्त कर ली गई तदउपरांत चौरे को समाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण विभाग की उपसंचालक महोदया द्वारा विभाग में अटैच कर लिया गया, जिसके चलते चौरे अपनी शक्तियों का दुरूपयोग करते हुए उच्च अधिकारीयों तथा समाज सेवियो के माध्यम से मेरे विरूध एक पक्षिय कर्यवाही कि जा रही है।
वही आगे की जानकारी में मोना मेश्राम ने कहा कि उच्च अधिकारीयो तथा समाज सेवियों के माध्यम से मेरे विरूध एक पक्षिय कार्यवाही करते हुए अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बालाघाट द्वारा मेरी एक पक्षिय जांच कराई गई तथा जिसमें मुझे दोषी मानकर कलेक्टर आर्य द्वारा मेरी सेवा को संदेह जनक मानकर समाप्त कर दी गई। सेवा समाप्ति के उपरांत उच्च न्यायालय से मुझे स्थगत आदेश प्राप्त हुआ जिस सम्बध में स्थगत आदेश जिला नि:शक्त पुनर्वास केन्द्र बालाघाट में पुन: बहाली कि गई। स्थतग आदेश मे राकेश चौरे तथा समाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण विभाग कि उपंसचालक महोदय को नामजद पार्टी बनाया गया, जिस कारण मुझे आय दिन पत्रोत्तर के माध्यम से मानसिक रूप से परेशान किया जाता रहा।
विभाग के उच्च अधिकारीयो द्वारा पुन: मेरी सविंदा वृद्धि नही बढ़ाई गई तथा मेरी सेवा रोक दी गई। साथ ही मेरे पक्ष में गवाही दे रही एक सेवा कर्मी की भी संविदा वृद्धि रोक दि गई जिस कारण आज सिंगल मदर पेरेन्स को सत्य का साथ देने पर अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा। ०८ जुन को संविदा वृद्धि नही बढ़ाये जाने से संबधित शाम ५.४५ बजे कार्यालय में पत्र प्राप्त होता है तथा उसी दिनाक पर नय पद हेतु विज्ञप्ती भी निकाल दी जाती है, जो पुर्ण: द्वेषपुर्ण भावना से किया जा रहा है।
आगे कि जानाकरी में मोना मेश्राम ने बताया कि राकेश चौरे के मेरे उच्च अधिकारी होने के कारण किसी भी प्रकार के सुनवाई नही कि जारी है। इस प्रकार मुझे वर्तमान समय में भी अनेको प्रकार से मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का काम किया जा रहा है। वर्तमान समय में राकेश चौरे जिला शीघ्र हस्तक्षेप केन्द्र बालाघाट में सोशल वर्कर के पद पर पदस्थ है।

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