मध्य प्रदेशरीवा दर्पण

कराधान घोटाले पर आया आदेश !

राज्य सूचना आयुक्त श्री राहुल सिंह ने रीवा के 6 जनपद सीईओ को जड़ा 1 लाख 21 हज़ार 250 रुपए का कुल जुर्माना, जुर्माना की राशि एक माह में जमा करें वरना सर्विस बुक में होगी दर्ज, इस बाबत संचालक बीएस जामोद पंचायतराज संचालनालय भोपाल को सूचना आयुक्त ने लिखा पत्र

रीवा/भोपाल मप्र ।

  मप्र के बहुचर्चित 1148 पंचायतों के 300 करोड़ के कराधान करारोपण घोटाले की रीवा जिला से संबंधित 75 पंचायतों के घोटाले की जांच की फ़ाइल दबाने और जानकारी न देने को लेकर एक्टिविस्ट शिवानन्द द्विवेदी की आरटीआई की दूसरी अपील की सुनवाई पर दिनाँक 28 अगस्त को आदेश जारी हुआ जिसमें सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने 6 जनपदों के सीईओ पर कुल 1 लाख  21 हज़ार 250 रुपये का कुल जुर्माना जड़ दिया।

पारदर्शिता का सिद्धांत सर्वोपरि – सूचना आयुक्त श्री राहुल सिंह

सूचना आयुक्त श्री राहुल सिंह ने अपनी सुनवाइयों को फेसबुक के माध्यम से लाइव प्रसारण में दिनाँक 28 अगस्त को फैसला सुनाते हुए कहा कि सूचना आयोग के लिए पारदर्शिता का सिद्धांत सर्वोपरि है इसलिए 7 दिन की तत्कालीन कलेक्टर रीवा ओम प्रकाश श्रीवास्तव की जांच को एक वर्ष बाद भी पूर्ण न कर पाना यह दर्शाता है कि किस तरह से अपारदर्शिता का परिचय देते हुए कराधान घोटाले पर पर्दा डालने का प्रयास किया गया और एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा जारी पत्र को अन्य अधिकारी बिना देखे समझे पोस्ट आफिस की तरह एक बाबू से दूसरे बाबू तक फारवर्ड करते रहे।

सूचना आयुक्त श्री सिंह ने आगे कहा कि लोक सूचना अधिकारियों की अकर्मण्यता की वजह से सूचना आयोग को काम करना पड़ रहा है इसके लिए कोई भी दोषी अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।

सीईओ जिला पंचायत स्वप्निल वानखेड़े को 25 हज़ार जुर्माने की एससीएन से मिली मुक्ति

सूचना आयुक्त श्री राहुल सिंह ने सीईओ जिला पंचायत स्वप्निल वानखेड़े की भूमिका पर कहा कि उनके द्वारा पहले ही तीन पत्र जारी कर सभी जनपद सीईओ से जानकारी मागी गयी थी लेकिन सिविल सेवा अधिनियम के साथ आरटीआई कानून का उल्लंघन करते हुए जनपद सीईओ द्वारा किसी भी पत्र का जबाब नही दिया गया और जो भी जानकारी भेजी गयी उसकी कोई पाउती नही है जबकि स्वप्निल वानखेड़े द्वारा सभी पत्रों की पाउती दिखाई गई है अतः यह स्पष्ट है कि सभी 6 जनपद सीईओ ने जबाब प्रेषित न कर आरटीआई कानून का घोर उल्लंघन किया है। इस प्रकार जिला सीईओ स्वप्निल वानखेड़े को 25 हज़ार रुपये के जुर्माने के कारण बताओ नोटिस से मुक्त किया गया। साथ मे जिला पंचायत रीवा के तत्कालीन लोक सूचना अधिकारी विनायक पण्डेय और वर्तमान पीआईओ श्रीमती आभा सिंह को भी उनकी भूमिका के आधार पर कारण बताओ नोटिस से मुक्त किया गया।

इन इन जनपदों के सीईओ को लगा कुल 1 लाख 21 हज़ार 250 रुपये का कुल जुर्माना

एक्टिविस्ट शिवानन्द द्विवेदी द्वारा रीवा जिले के कराधान घोटालों की जांच को लेकर लगाई गई आरटीआइ में कानून के उल्लंघन पर  जिन जिन जनपद सीईओ पर जुर्माने की कार्यवाही मध्य प्रदेश राज्य सूचना आयुक्त श्री राहुल सिंह के द्वारा दी गई है उनमें से  रीवा जनपद के वर्तमान सीईओ हरिश्चंद्र द्विवेदी पर 10 हज़ार रुपये, रायपुर कर्चुलियान के वर्तमान सीईओ प्रदीप दुबे पर 11 हज़ार 250 रुपये, तत्कालीन रायपुर कर्चुलियान सीईओ बलवान सिंह मवासे पर 25 हज़ार रुपये, वर्तमान सिरमौर जनपद सीईओ सुचिता सिंह पर 25 हज़ार रुपये, तत्कालीन जवा जनपद सीईओ अखिल श्रीवास्तव पर 25 हज़ार रुपये, वर्तमान हनुमना जनपद सीईओ मूंगाराम मेहरा पर 25 हज़ार रुपये का अलग अलग जुर्माना अधिरोपित किया गया।
इस प्रकार कुल जुर्माने की राशि एक लाख 21 हज़ार 250 रुपये अधिरोपित की गई।

जुर्माने की राशि 1 माह के भीतर नहीं भरी तो सर्विस बुक में होगी दर्ज

सूचना आयुक्त श्री राहुल सिंह ने अपने फैसले में कहा की अक्सर यह देखा गया है कि अधिकारियों को जुर्माने की राशि भरने में काफी समय लग जाता है और वर्षों तक जुर्माने की राशि नहीं भरी जाती है। इसके लिए आयोग ने एक नई व्यवस्था की है और पत्र जारी कर संचालक पंचायत राज संचनालय भोपाल बीएस जामोद को आदेशित किया है कि यदि लोक सूचना अधिकारी जुर्माने की राशि 1 माह के भीतर आयोग के समक्ष नहीं जमा करते तो सीधे उनकी सर्विस बुक में दर्ज की जाए जिससे रिटायरमेंट के बाद उनकी पेंशन से काटा जाए। श्री सिंह ने स्पष्ट किया की सूचना के अधिकार के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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