भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया 1 लाख 23 हजार की लागत से बना शौचालय, अधिकारी अंजान

रीठी विकास खण्ड के बड़गांव संकुल केन्द्र का मामला, पानी में गई शासन की राशि
शौचालय से दरवाजे के साथ वाशबैसन भी गायब
कटनी दर्पण। एक ओर देश के प्रधान मंत्री स्वच्छ भारत का सपना देख रहे हैं और स्वच्छता के नाम पर करोड़ों रूपये भी खर्च किए जा रहे हैं। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में बैठे शासन के भ्रष्ट कर्मचारियों की लालची प्रवत्ती ने प्रधान मंत्री के सपने को चकनाचूर करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं और शासन की राशि को ठिकाने लगाने में जुटे हैं। ऐसा ही एक ताजा मामला जिले की रीठी विकास खण्ड अंतर्गत बड़गांव संकुल केन्द्र में बने शौचालय का सामने आया है। तो वहीं दूसरी ओर जिम्मेदारों द्वारा इस मामले अपना पल्ला झाड़ा जा रहा है।
हासिल जानकारी के मुताबिक रीठी विकास खण्ड के बड़गांव संकुल केन्द्र के शासकीय बालक प्राथमिक शाला में वर्ष 2015-16 में स्वच्छ भारत स्वच्छ विद्यालय अभियान के तहत 1 लाख 23 हजार रूपये की लागत राशि से शाला प्रबंधन समिति द्वारा शौचालय का निर्माण कार्य कराया गया था। जिसमें गुणवत्ता का ख्याल नहीं रखा गया। विद्यालय प्रबंधन की लापरवाही के चलते शौचालय की स्थिति यह है कि शौचालय में लगे दरवाजे के साथ-साथ वाशबैसन भी गायब है और शौचालय की सीट ईंट, पत्थरों से भरी पड़ी है।
स्वच्छता के साथ गुणवत्ता भी गायब-बड़गांव संकुल केन्द्र मे बने 1 लाख 23 हजार रूपये के शौचालय में स्वच्छता के साथ-साथ गुणवत्ता भी गायब है। निर्मित शौचालय की दीवारों मे दरारें पड़ गयी है। लाइट्स भी चकनाचूर हो चुकी है। सीट में गंदगी के साथ ईंट-पत्थर भरे हुए है। शासन की महत्वकांक्षी योजना के तहत बना उक्त शौचालय पदस्थ शिक्षकों वध जिम्मेदारों के बीच हुए बंदरबांट के खेल का शिकार होकर रह गया है।
जांच कर दोषियों पर कार्यवाई की मांग-ग्रामीणों ने स्वच्छ भारत स्वच्छ विद्यालय के तहत बनाये गये शौचालय की जांच कर दोषी जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग जिले के अधिकारियों से की है। ताकि शिक्षकों द्वारा किए गये भ्रष्टाचार की पोल खुल सके और शौचालय की सुविधा का स्कूली बच्चोँ को लाभ मिल सके।
इनका कहना है-
हां यह बात बिल्कुल सही है कि शौचालय पूर्णत: खण्डहर हो चुका है। उक्त शौचालय के दरवाजे, वाशबैसिंग बगैरह चोरों द्वारा चोरी कर लिए गये है। मैने प्रधान अध्यापक से मौखिक रूप से कई बार बोला लेकिन उनके द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
अनूप सिंह, प्रभारी प्राचार्य, संकुल केन्द्र बबड़गांव



