डिंडोरी दर्पणमध्य प्रदेश

सत्ता बदली नेता भी बदले लेकिन नहीं बदली वन गांवों की तस्वीर

आजादी के दशकों बाद आवागमन की सुविधा से मोहताज हैं ग्रामीण।

नंदकिशोर ठाकुर,डिंडोरी ब्यूरो। जिले में ऐसे आज भी कई वन ग्राम है, जहां पक्की सड़क मार्ग आज तक नहीं पहुंच पाई है,जिससे निवासरत परिवारों को काफी परेशानियों से गुजरना पड़ता है, खासकर बरसात के दिनों में पैदल आवागमन करने में काफी परेशानी होती है।अमरपुर जनपद क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत गिठौरी के पोषक वन ग्राम खुदुरपानी का है, जहां वर्तमान में लगभग 57 परिवार निवासरत हैं,जिसे तीन तरफ से सुखनी नदी ने गांव को घेर रखा हैं, जिसकी सुंदरता देखते बनती हैं, जहां का बहुत ही सुंदर एवं मनोरम दृश्य है, बावजूद अभी भी आवागमन के साधन न होने से सुंदरता देखने वाला कोई नहीं पहुंच पाते।गांव के लोग का संपर्क बरसात के दिनों में गांव सहित मुख्यालय से टूट जाता है, क्योंकि मार्ग पर पड़ने वाली सुखरी नदी पर अभी तक पुल का निर्माण नहीं हो पाया है।

  • सरकार के दावों की खुली पोल।

सरकार एक तरफ हर गांव को पक्की मार्गों से जोड़ने का दावा तो कर रही है, लेकिन डिंडोरी जिले के कई गांवों तक आज भी पक्की सड़कों का जाल नहीं पहुंच पाया है। विधानसभा क्षेत्र के विधायक अनेकों बार मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं, जहां मंत्री द्वारा विकास यात्रा के दौरान पुल एवं सड़क निर्माण करवाने का आश्वासन दिया गया था, परंतु आज भी स्थित मैं कोई बदलाव नहीं आ पाया है।आज भी गांव के लोग दलदल भरी मार्ग से होकर आवागमन करते हैं, मार्ग से लोगों को गुजरने मैं काफी परेशानी होती है।जान जोखिम में डालकर नदी को भी पार करना पड़ रहा हैं। विकास यात्रा के दौरान मंत्री द्वारा किए गए दावों की पोल तब खुल गई, जब ग्राउंड जीरो पर जबलपुर दर्पण के संवाददाता पहुंचे।

  • चारपाई में मरीजों को ले जाते हैं सड़क तक।

स्थानीय ग्रामीणों द्वारा बताया गया की जब भी कोई व्यक्ति बीमार होता हैं या गर्भवती महिलाओं के लिए गांव तक एंबुलेंस वाहन नहीं पहुंच पाता मजबूरन स्थानीय ग्रामीण चारपाई या डोली में बिठाकर मुख्य मार्गो तक लाते ले जाते हैं।लगभग तीन किलोमीटर की लंबी दूरी पैदल चलने के बाद ही मुख्य मार्गो से वाहन उपलब्ध हो पाते हैं, इसके बाद ही अस्पताल तक मरीजों को पहुंचा पाते हैं, यह समस्या पिछले कई वर्षों से स्थानीय ग्रामीणों के लिए बनी हुई है, जिससे लोगों को काफी परेशान होती है, बावजूद पक्की सड़क व पुलिया निर्माण कराए जाने कोई पहल नहीं की जा रही, समस्या का समाधान लम्बे समय बाद भी न होना सवाल खड़ा कर रहा है।

  • बरसात के दिनों में ऊफनाती नदी पार कर पहुंचते हैं गांव।

स्थानीय ग्रामीण लंबे समय से सुविधाओं के लिए मोहताज हैं, आज भी मूलभूत सुविधाएं गांव से नदारद है, गांव तक पहुंचने वाली लगभग 3 किलोमीटर मार्ग दुर्गम भरे रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है तथा सड़क मार्ग पर पड़ने वाली नदी में पुलिया का निर्माण कार्य ना होने से बरसात के मौसम में ऊफनाती नदी को ही मजबूरन पार कर ग्रामीण अपने गांवों तक पहुंच पाते हैं। बावजूद वर्षों से बनी समस्या का समाधान अब तक नहीं हो पाया है, जिम्मेदार जनप्रतिनिधि सहित क्षेत्रिय नेता भी गांव के विकास की सुध नहीं ले रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने शासन प्रशासन से पक्की सड़क निर्माण कार्य सहित नदी पर पुलिया का निर्माण कार्य कराए जाने की मांग की गई है।

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