छतरपुर दर्पणमध्य प्रदेश

बार -बार कार्यमुक्त होने पर भी लिपिक नही पहुचा कर्तव्य स्थल पर

कोर्ट ने कलेक्टर को लिखा पत्र, 4 हप्ते में करे निराकरण

छतरपुर। कलेक्टर द्वारा एक साल पहले स्थानांतरण के बाद कार्य मुक्त करने व अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय से पारित आदेश पर कार्य मुक्त के बावजूद लिपिक अपने वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश की अवहेलना करते हुये अपने पुराने स्थान पर जमे हुये है। लिपिक ने हाई कोर्ट से लगाई गुहार कलेक्टर को पत्र लिख 4 हप्ते में निर्णय लेने को कहा।

2019 में हुआ था बिजावर तहसील के लिये स्थानांतरण
जिला कलेक्टर के आदेश क्रमांक 118 दिनांक 5 जुलाई को गौरिहार तहसील में पदस्थ राजेश भुर्जी सहायक ग्रेड 2 का स्थानांतरण तहसील बिजावर के लिये किया गया था। जब लिपिक राजेश भुर्जी ने कलेक्टर का आदेश न मानते हुये रिलीव नही हुआ तो कलेक्टर ने पुनः आदेश क्रमांक 170 दिनांक 24 अगस्त 2019 द्वारा 26 अगस्त 19 से तहसील गौरिहार से एकतरफा कार्यमुक्त कर दिया लेकिन दूसरे आदेश को भी उक्त लिपिक ने नही माना और वह गौरिहार में ही जमा रहा और कलेक्टर के आदेश की अवहेलना करता रहा।

लिपिक के विरुद्ध हो चुकी कई गंभीर शिकायते
तहसील कार्यालय में पदस्थ शैलेन्द्र सिंह हिमांचल सहायक ग्रेड 3 ने लिपिक राजेश भुर्जी द्वारा अमानवीय व्यवहार करने की शिकायत अनुविभागीय अधिकारी को पहले ही की जा चुकी थी, साथ ही 16 जुलाई 2020 को कार्यालय सहायक सह डाटा एंट्री ऑपरेटर कैलाश प्रजापति के साथ मारपीट करने व गाली गलौच करने की शिकायत अनुविभागीय अधिकारी लवकुशनगर से की गई थी जिसपर अनुविभागीय अधिकारी लवकुशनगर ने कार्रवाई करते हुये 16 अगस्त को ही कलेक्टर के आदेशों का हवाला देकर लिपिक राजेश भुर्जी को गौरिहार तहसील से अपरान्ह में बिजावर तहसील के लिये कार्यमुक्त कर दिया था। लेकिन बार बार वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश की अवहेलना करते रहे। और गौरिहार तहसील में कार्य करते रहे।

जनपद पंचायत में पदस्थ लिपिक को तहसील कार्यालय किया गया था पदस्थ
वैसे तो राजेश भुर्जी की मूल पदस्थापना जनपद पंचायत में हुई थी लेकिन कई वर्षों से वे गौरिहार तहसील में पदस्थ है। निवर्तमान जनपद सीईओ प्रतिपाल सिंह बागरी ने पत्र लिखकर जिला प्रशासन से उक्त लिपिक को जनपद में वापिस करने का अनुरोध किया था जिसपर तत्कालीन कलेक्टर ने इन्हें वापिस जनपद कार्यालय भेजने का आदेश पारित किया था लेकिन राजेश ने जनपद कार्यालय वापिस न जाकर सांठगांठ करते हुये पुनः तहसील गौरिहार का आदेश करवा लिया। लेकिन यहाँ से उन्हें एक साल पहले फिर हटाया गया और कार्यमुक्त भी किया गया परंतु इन सभी कार्रवाइयों को धता बताते हुये अभी भी वो गौरिहार तहसील में लिपकीय कार्य कर रहा है।

*कोर्ट ने कलेक्टर को पत्र लिख 4 हप्ते में निराकरण करने का दिया आदेश
लिपिक द्वारा अपनी घरेलू परेशानी का हवाला देते हुये हाई कोर्ट में आवेदन दिया है कि मुझे गौरिहार से न हटाया जाये, जिस पर कोर्ट ने कलेक्टर को पत्र लिखकर 4 हप्ते में निर्णय लेने का आदेश दिया है। लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नही हो सकी है

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