संपादकीय/लेख/आलेख

निकिता को न्याय दो

हरियाणा के बल्लभगढ़ में लव जेहाद के केस में बीकॉम की छात्रा निकिता तोमर की हत्या का केस देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है।यहां बता दें कि सोमवार शाम को अग्रवाल कॉलेज के बाहर बीकॉम की अंतिम वर्ष की छात्रा निकिता तोमर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।फरीदाबाद के सेक्टर-23 के संजय कॉलोनी निवासी निकिता तोमर सोमवार शाम को जब अपनी सहेली के साथ अग्रवाल कॉलेज से बाहर निकल रही थी,तब उसे पहले से ही बाहर खड़े दो युवकों ने अपहरण कर आई20 कार में बैठा कर साथ ले जाने का प्रयास किया था।जब निकिता नहीं मानी तो उन दरिंदो ने उसके सीने पर गोली मार कर हत्या कर दी।यहां बता दें कि मामले में मुख्य आरोपी तौसीफ ने वर्ष 2018 में भी निकिता का अपहरण किया था।जिसके केश थाना सिटी बल्लभगढ़ में दर्ज किया गया था।फरीदाबाद के बल्लभगढ़ की बीकॉम की छात्रा निकिता उर्फ नीतू पर आरोपी तौसीफ़ के परिवार की तरफ से भी धर्म परिवर्तन का दबाब था।दो साल पहले तौसीफ ने शादी की नीयत से भी उसका अपहरण किया था।आरोपी की माँ भी लगातार निकिता के दिमाग मे तौसीफ से शादी करने का दबाब बनाये हुए थे।मृतका निकिता तोमर के परिवारजन बताते गेन की निकिता स्कूल से समय से ही पढ़ने लिखने में बहुत होशियार थी।वह अपने स्कूल की टॉपर भी थी इसके बाद जब कॉलेज में उसका दाखिला कराया तो उसमें भी वह अब्बल रही।परिवारजन ने बताया कि आरोपी तौसीफ निकिता के स्कूल में 12 वीं तक साथ पढ़ता था।आरोपी लगातार उसे स्किल टाइम से ही परेशान करता था निकिता ने यह बात घर में भी बताई परन्तु यह जाहिर न होने दिया कि बात ज्यादा बड़ी ही इसके बाबजूद भी वह अपनी पढ़ाई में लगाकर करती रही।वहीं बात निकलकर आती है वर्ष 2018 में निकिता के अपहरण की तो मामला यह है कि 2018 में तौसीफ ने शादी की नीयत से निकिता का अपहरण कर लिया था और पुलिस ने उस समय तौसीफ को भी ढूंढ निकाला था बात लड़की से जुड़ी हुई थी इसलिये परिवार वालो ने बदनामी से बचने के लिये बात को आगे नही बढ़ाया।तदोपरांत आरोपी के परिजनो ने निकिता के घर जाकर माफी मांगी और ऐसी गलती दोबारा न करने की बात भी कही।निकिता के पिता ने बताया कि उन्हें यह पता था कि आरोपी के दिमाग मे कुछ उठापठक चल रही है तो वहीं उन्होंने बताया कि तौसीफ की माँ निकिता को लगातार फोन पर दबाब दे थी की तुम तौसीफ से शादी करलो अब तुमसे कौन शादी करेगा।बदनामी से बचना है तो यही सही रहेगा कि तुम यहाँ आ जाओ और धर्म बदल लो।

वहीं जब गिरफ्तारी के बाद आरोपी तौसीफ से पुलिस ने पूछताछ की तो उसने बताया कि निकिता किसी और से शादी करने वाली थी इसलिये उसे मार दिया गया।तौसीफ ने बताया कि मैं मेडिकल की पढ़ाई नही कर सका क्यों कि निकिता ने मुझे गिरफ्तार करा दिया रहा जिसका मैंने बदला लिया है।दरअसल 21 वर्षीय आरोपी तौसीफ फिजियोथेरेपिस्ट का कोर्स कर रहा था वहीं दूसरा आरोपी रेहान भी उसके साथ ही फिजियोथेरेपिस्ट का कोर्स कर रहा था।

निकिता तोमर भारत की वह बेटी थी जिसने अपनी जान दे दी पर धर्म परिवर्तन के लिए राजी नही हुई।सनातन धर्म तुम्हारे बलिदान को कभी व्यर्थ न जाने देगा।निकिता के हत्यारे तौसीफ और रेहान जैसे कुछ दरिंदे सड़क पर घूमते हुए उस पागल भेड़िये की तरह हैं जो कभी भी किसी पर हमला कर सकते हैं इसलिए इनका इलाज जरूरी है अन्यथा की स्तिथि में हम आये दिन एक न एक निकिता खोते रहेंगे और शोक मनाते रहेंगे।याद रखो कहीं ऐसा न हो कभी आपकी बेटी ने इस्लाम नही स्वीकारा तो उसे भी गोली का शिकार न होना पड़े।लगातार मासूम बच्चियों,बेटियों की मौतों का प्रतिशत बढ़ता जा रहा पर सरकार मुँह पर ताला लगातार तमाशबीन बनी बैठी है।

अब सवाल यह उठता है कि क्या वह राजनैतिक दल हरियाणा जाएंगे जैसे वह हाथरस गए थे..?
क्या वह राजनैतिक दल इंडिया गेट पर कैंडल मार्च करेंगे जैसे उन्होंने असिफा के लिए किया था..?
कुछ नही होने वाला सब दिखावा करते हैं।पर यह भी सत्य है अगर हम लोगो ने कोई ठोस कदम नही उठाया तो आये दिन निकिता जैसी हमारी बहन,बेटियां मारी जाती रहेंगी।

अर्पित गुप्ता
पत्रकार/लेखक
ग्वालियर मप्र

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