रिमही जनता को खून के आंसू रुला रहा है विकास कार्य


आंख मूंद कर संबंधों के चलते न्यू कंपनी को दिया ठेका
रीवा दर्पण। बिना सोचे-समझे केवल करीबी संबंधों के चलते सीवरेज प्रोजेक्ट जैसे महत्वपूर्ण कार्य के लिए एक नौसिखिया कंपनी को ठेका दिए जाने की सजा रिमही जनता पिछले तीन साल से भोग रही है। पिछले साढ़े तीन साल से केके स्पंज लिमिटेड कंपनी दिल्ली संभागीय मुख्यालय रीवा में केंद्र सरकार के अमृत योजना के अंतर्गत सीवरेज प्रोजेक्ट पर काम कर रही है। नौ दिन चले अढ़ाई कोस वाली व्यवस्था पर पाइप बनाने वाली केके स्पंज कंपनी रीवा शहर में काम कर रही है। विंध्य प्रदेश के रीवा और सतना नगर निगम क्षेत्र में दिल्ली की इसी बेलगाम कंपनी को सीवरेज प्रोजेक्ट का दायित्व सौंपा गया है। दोनों शहरों की सड़कों का हुलिया खराब करने पर उतारू केके स्पंज लिमिटेड कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करने की हिम्मत रीवा नगर निगम आज तक नहीं दिखा पाया है। जनप्रतिनिधियों सहित आम जनता के विरोध को सिरे से नजर अंदाज करने वाला नगर निगम केवल तमाशबीन बनकर रह गया है। मध्य प्रदेश शासन स्तर पर बैठे दिग्गज अधिकारियों ने आंख मूंद कर केवल संबंधों के आधार पर 200 करोड़ रुपए से अधिक लागत वाले सीवरेज प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी केके स्पंज कंपनी दिल्ली को सौंप दी। नेताओं की चहेती कंपनी इस समय रिमही जनता को खून के आंसू रुलाने का काम कर रही है। इस समय रीवा शहर के मध्य से गुजरने वाली मुख्य सड़क पर विकास कार्य घसीटने के लिए मजबूर है। रीवा शहर के पदमधर कालोनी मोड़ से लेकर पडरा तक लोगों के लिए विकास हर समय मुसीबत बना रहता है। आए दिन वाहन चालकों के ऊपर सड़क हादसे की आफत आ रही है। अभी तक दर्जन भर लोग हादसे का शिकार बनकर संजय गांधी अस्पताल पहुंच चुके हैं। पदमधर कालोनी से पडरा तक जानलेवा गड्ढों का जाल और जानलेवा डस्ट का जोर बना रहता है। नेताओं की करीबी और चहेती केके स्पंज कंपनी दिल्ली ने पहली बार सीवरेज जैसे बड़े और महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में हाथ डाला है। बिना सोचे-समझे रीवा शहर में मनमानी के साथ काम करने वाली दिल्ली की कंपनी ने मुख्य रोड़ के साथ साथ रिहायशी कालोनियों के अंदर की सड़कों को बद से बद्तर बना दिया है।
गजब की कंपनी, तीसरे एक्सटेंशन की तैयारी तेज
भाजपा सरकार की यूनिक खोज में शुमार केके स्पंज लिमिटेड कंपनी दिल्ली पर रीवा नगर निगम की मेहरबानी रिमही जनमानस से छिपी नहीं है। दिसंबर 2016 से संभागीय मुख्यालय में सीवरेज प्रोजेक्ट का काम शुरू करने वाली कंपनी को ठेका देने के दौरान 36 माह की समय सीमा से अवगत कराया था। शुरुआती चरण से ही नेताओं की करीबी कंपनी का बेलगाम प्रबंधन शहर वासियों को परेशान कर रही है। शासन की तय अवधि में रीवा शहर के अंदर निर्माण एजेंसी 100 किलोमीटर का काम तक पूरा नहीं कर पाई है। अंतिम समय आने के पहले ही कंपनी ने शासन स्तर पर एक्सटेंशन के लिए फाइल लगा दी। जो बेलगाम कंपनी 36 माह में सही तरीके से काम नहीं कर पाई, वह एक्सटेंशन की बैसाखी पर कितना जोर लगाएगी, यह रिमही जनता से बेहतर और कोई नहीं जानता। सूत्रों ने बताया कि केके स्पंज कंपनी दिल्ली अब तीसरी बार एक्सटेंशन की बैसाखी के लिए तैयारी में जुट गई है।
बेलगाम व्यवस्था के कारण दो मजदूरों की हुई मौत
मूलतः सीवर सहित अन्य तरह के पाइप बनाने वाली केके स्पंज कंपनी दिल्ली को किस योग्यता के कारण रीवा नगर निगम में 200 करोड़ रुपए के सीवरेज प्रोजेक्ट का ठेका दिया गया है, यह जनता तक नहीं जानती। नगर निगम से मिली जानकारी के अनुसार लापरवाही के साथ काम करने वाली केके स्पंज कंपनी की वजह से जनता महाविद्यालय वाली सड़क पर एक मजदूर की मौत गड्ढे में घुसने के कारण हो गई थी। जिस पर जमकर हंगामा हुआ था। इसके बाद भी बेलगाम केके स्पंज लिमिटेड कंपनी की कार्यशैली में किसी तरह का सुधार नहीं हुआ और यही वजह है कि कुछ वक्त गुजर जाने के बाद नगर निगम के वार्ड क्रमांक 09 में निर्माणाधीन छज्जा मजदूर के ऊपर गिर जाने की वजह से उसकी असमय मौत हो गई। दो मजदूरों को काल के गाल में ढकेलने के बाद भी केके स्पंज कंपनी दिल्ली की आदत में कोई सुधार नहीं हुआ है।



