मध्य प्रदेशरीवा दर्पण

अल्ट्राटेक सीमेंट प्रबंधन की दादागिरी, लोकल की जगह बाहरियों को प्राथमिकता

लगातार दबाव बनाकर बीआर एस लेने के लिए करते हैं मजबूर
रीवा दर्पण। सीमेंट उद्योग जगत में तेजी के साथ आगे बढ़ने का रिकॉर्ड बनाने वाली अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड की दादागिरी के कारण स्थानीय मजदूरों का सीमेंट प्लांट में नौकरी करना दुभर हो गया है। तीन साल पहले जेपी सीमेंट लिमिटेड से अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड ने बेला प्लांट को खरीद लिया। सीमेंट प्लांट पर कब्जा हासिल करते ही हेड आफिस मुंबई के फरमान पर सीमेंट प्लांट में काम करने वाले स्थानीय मजदूरों पर जबरिया बीआर एस लेने का दबाव बनाना शुरू कर दिया गया। सूत्रों ने बताया कि सीमेंट प्लांट बेला में काम करने वाले स्थानीय मजदूरों को जबरिया बीआर एस दिलवाया जा रहा है, उसके स्थान पर खाली जगह में बाहरी मजदूरों को तैनात करने का काम भी एक साथ चल रहा है। अभी तक लगभग दो दर्जन से अधिक मजदूरों को दबाव देकर बीआर एस दिलवाया गया है। लगातार अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड बेला का प्रबंधन सीमेंट प्लांट में काम करने वाले सभी स्थानीय मजदूरों को घर बिठाने का षड्यंत्र कर रहा है। बड़ी संख्या में अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड बेला में स्थानीय मजदूर नौकरी कर रहे हैं, उन्हें बीआर एस दिलवाने के लिए पूरी योजना के साथ खेल किया जा रहा है। ऐसे मजदूरों को भी बीआर एस दिलवाया जा रहा है, जो शारीरिक रूप से पूरी तरह सक्षम है। इसके बाद भी उन्हें बीआर एस लेने के लिए मजबूर किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार देश के अंदर अब तक जहां पर भी अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड ने अपना सीमेंट प्लांट डाला है वहां पर स्थानीय मजदूरों को बाहर करते हुए बाहरी मजदूरों को बसाया गया है। लगातार अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड बेला से मजदूरों को बीआर एस के माध्यम से बाहर किया जा रहा है। मजदूर बीआर एस लेना नहीं चाहता है इसके बाद भी जबरिया उसे बीआर एस दिलवाया जा रहा है। मजदूरों को बीआर एस दिलवाकर घर बिठाने के लिए अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड बेला सीधे दादागिरी पर उतारू हो गया है। गरीब मजदूरों को सीमेंट प्लांट से बाहर करने का महाभियान चलाया जा रहा है इसके बाद भी जिला प्रशासन सतना ने किसी तरह का कोई संज्ञान नहीं लिया है। जिसके कारण अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड लगातार असहाय मजदूरों को बीआर एस दिलवाकर घर बिठाने में निरंतर लगा हुआ है। अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड से जुड़े लोगों ने बताया कि यह कंपनी की मोनोपली है कि सीमेंट प्लांट में स्थापित होते ही लोकल मजदूरों को बाहर करने और उनकी जगह पर बाहरी मजदूरों को तैनात करने लगती है।

गुंडागर्दी के खिलाफ सड़क पर उतरने की बन रही योजना
अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड बेला में लगातार स्थानीय मजदूरों को नौकरी से बाहर करने का षड्यंत्र किया जा रहा है। बीआर एस की आड़ लेकर लोकल मजदूरों को घर बिठाने और उनकी जगह पर बाहरी मजदूरों को लाने का मास्टरमाइंड खेल जारी है। अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड की गुंडागर्दी से परेशान मजदूरों ने तानाशाही के खिलाफ एक साथ सड़क पर उतरने की योजना बनाई है। किसी भी दिन मजदूरों का समूह आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों के साथ मिलकर अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड बेला के लिए मुसीबत खड़ा कर सकता है।

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