कटनी दर्पण

पंचायत उप-निर्वाचन के मद्देनजर कलेक्‍टर श्री यादव ने जारी किया ध्‍वनि विस्‍तारक यंत्रों पर प्रतिबंधात्‍मक आदेश

कटनी/ढीमरखेड़ा जबलपुर दर्पण। मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार उप-निर्वाचन 2025 (पूर्वाद्ध) की घोषणा की जा चुकी है। साथ ही जिले के पंचायत निर्वाचन क्षेत्रों में राजनैतिक पार्टियों तथा व्यक्तियों द्वारा जुलूस, जनसंपर्क, आम सभाओं के रूप में गतिविधियां प्रारम्भ हो गई है। इसके मद्देनजर कलेक्‍टर दिलीप कुमार यादव ने ध्वनि विस्‍तारक यंत्रों पर प्रतिबंधात्‍मक आदेश जारी किया है। इन स्‍थानों पर रहेगा प्रभावी कलेक्‍टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार जिले की जनपद पंचायत रीठी के ग्राम पंचायत बडखेरा के वार्ड क्रमांक 09, एवं बकलेहटा के वार्ड क्रमांक 05, जनपद पंचायत ढीमरखेडा के ग्राम बरेली रामपुर के वार्ड क्रमांक 07 एवं ग्राम पंचायत भमका के वार्ड क्रमांक 03, ग्राम पंचायत कछारगांव बडा वार्ड क्रमांक 05, ग्राम पंचात इटौली वार्ड क्रमांक 08, ग्राम पंचायत सैलारपुर वार्ड क्रमांक, 06, जनपद पंचायत कटनी के ग्राम पंचायत कूडो के वार्ड क्रमांक 11, ग्राम पंचातयत खमतरा के वार्ड क्रमांक 10, जनपद पंचायत बडवारा के ग्राम पंचायत करौंदी खुर्द के वार्ड क्रमांक 14, ग्राम पंचायत हृदरहटा वार्ड क्रमांक 07, ग्राम पंचायत विलायतखुर्द के वार्ड क्रमांक 01, ग्राम पंचायत कुठिया महगवां के वार्ड क्रमांक 04, जनपद पंचायत बहोरीबंद के ग्राम पंचायत पहरुआ के वार्ड क्रमांक 06, ग्राम पंचायत सलैया कुंआ के वार्ड क्रमांक 10, जनपद पंचायत विजयराघवगढ के ग्राम पंचायत चुनौर के सरपंच पद एवं ग्राम पंचायत कारीतलाई के वार्ड क्रमांक 07 के निर्वाचन वार्डो क्षेत्रों की सीमाओं के अन्तर्गत लागू होगा। ध्वनि विस्तारक यंत्रों का दुरूपयोग होने, लोक परिशांति भंग होने तथा जिससे लोगों के मध्य विवाद की स्थिति भी निर्मित होने की संभावना है।

लोक परिशांति बनाये रखने एवं निर्वाचन प्रक्रिया के शांतिपूर्ण परिसंचालन हेतु म.प्र. कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 तथा ध्वनि प्रदूषण (विनिमयन एवं नियंत्रण) नियम 2000 के तहत आदर्श आचरण संहिता लागू रहने तक की अवधि के लिये यह आदेश लागू रहेगा।

कोई भी व्यक्ति ध्वनि विस्तारक यंत्र जैसे लाउड स्पीकर, डेक, डीजे इत्यादि का उपयोग या प्रदर्शन किसी आमसभा, सम्मेलन, जुलूस, कार्यक्रम, जलसा, टी.व्ही., एल.सी.डी.,एल.ई.डी या चलित वाहन में नहीं करेगा।

इस आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध म.प्र. कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 के प्रावधानों के अंतर्गत दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी।

संबंधित अनुविभागीय दण्डाधिकारी 48 घण्टे पूर्व की सूचना के उपरान्त प्रातः 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक ध्वनि विस्तारकों के 1/4 वॉल्यूम में (ध्वनि स्तर परिवेशी ध्वनि 10 डेसीबल से अनधिक) पर अनुमति दे सकेंगे। साथ ही माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार रात्रि 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग पूर्ण रूपेण प्रतिबंधित रहेगा।

म.प्र. कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 अनुसार इस अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति को 6 माह तक कारावास अथवा 1 रूपये जुर्माना अथवा दोनों हो सकते हैं।

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