भ्रष्टाचारी में लिप्त कर्मचारियों पर होगी उच्च कार्यवाही,स्वास्थ्य विभाग देर से जागा तो सही, वरिष्ठ अधिकारियों की संज्ञान में आया ये मामला?

मनीष श्रीवास जबलपुर दर्पण । मध्यप्रदेश सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं और आम नागरिकों की सुरक्षा व्यवस्था उचित इलाज उपलब्ध कराने नियंत्रित रूप से कार्य तो चला आ रहा हैं। पर उससे बड़ी बात जब इन्हीं में से बैठे भ्रष्टाचार में लिप्त कर्मचारियों के कार्यों का जब हमारे मीडिया प्रतिनिधि ने लगातार हर पहलू और गहराई में जाकर इनकी कार्यप्रणाली देखी और जानी तो मानो पूरा सिस्टम ही बदल दिया गया हो। जिले में भ्रष्टाचारी में लिप्त कर्मचारियों पर होगी उच्च कार्यवाही,स्वास्थ्य विभाग देर से जागा तो सही, वरिष्ठ अधिकारियों की संज्ञान में आया मामला?
जबलुपर जिला में स्वास्थ्य विभाग में फैले बड़े भ्रष्टाचार और लापरवाही के खिलाफ राज्य स्तर से आए डिप्टी डायरेक्टर डॉ. पंकज बुधौलिया ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। वहीं तिलवारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और विभिन्न संजीवनी केंद्रों के औचक निरीक्षण के दौरान जिला स्तर पर चल रहे भ्रष्टाचार की मोटी परतें खुलकर सामने आई हुई हैं। उनके निरीक्षण के दौरान जमीनी स्तर पर एक भी काम व्यवस्थित के साथ या कहे कि मुकम्मल नहीं पाया गया। कार्यप्रणाली और भारी भ्रष्टाचार के बाद डिप्टी डायरेक्टर ने गहरी नाराजगी जताते हुए लिप्त जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए हैं।
बड़ा ही गम्भीर विषय देखने को मिला हैं यहां फाइल और कागजों में चमचमाते केंद्र, जमीन पर न पुताई हुई न ही मिला सामान-इस निरीक्षण के दौरान आयुष्मान आरोग्य मंदिर (एपीएम, अर्बन नोडल अधिकारी डॉ अमजद खान) की बदहाली देखकर अधिकारी दंग रह गए। सेंटरों पर न तो पुताई का काम कराया गया था । और न ही आवश्यक दवाइयां या उपकरण मौजूद थे। निरीक्षण के दौरान स्थिति यह थी कि राज्य स्तरीय टीम के सवालों के सामने स्थानीय एपीएमअधिकारी कतराते छुपते नजर आए।
होम बेस्ड न्यूबॉर्न केयर और ‘नई पहल’ किट खरीदी में लाखों का क्यों हुआ वारा-न्यारा ?-निरीक्षण में जांच में सबसे गंभीर वित्तीय अनियमितता होम बेस्ड न्यूबॉर्न केयर और ‘नई पहल’ किट की खरीदी में सामने आई है। यहां पर जिला कम्युनिटी मोबिलाइजर दीपिका साहू और एपीएमसंदीप नामदेव द्वारा इस खरीदी में व्यापक पैमाने पर भ्रष्टाचार को अंजाम दिया गया। स्टोर रूम के वेरिफिकेशन में न तो होम बेस्ड न्यूबॉर्न केयर किट मिली और न ही नई पहल किट का कोई स्टॉक पाया गया। जो किट बांटी भी गईं, वे बेहद अमानक (घटिया) स्तर की थीं, जिससे स्पष्ट होता है कि शासकीय राशि का दुरुपयोग कर घटिया सामग्री की खरीदी हुई थीं।उच्च गुणवत्ता एवं क्वालिटी इंश्योरेंस के मानकों में भारी गैप, DD ने लगाई फटकार – हाल ही में 12 मई 2026 को आयोजित राज्य स्तरीय ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में डिप्टी डायरेक्टर द्वारा नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड्स, फायर सेफ्टी और आईपीएचएसबजट को लेकर कड़े निर्देश दिए गए थे। लक्ष्य के मुताबिक वर्ष 2025-26 तक 100% स्वास्थ्य सुविधाओं का नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड्सअसेसमेंट पूरा होना है। जिसके लिए मात्र 6 महीने शेष बचे हैं।
इसके बावजूद, डीसीएमदीपिका साहू और एपीएमसंदीप नामदेव द्वारा ‘सक्षम’ (SaQsham) पोर्टल पर डॉक्यूमेंट सबमिशन और ओडीके ऐप में आईपीएचएसरी-असेसमेंट को लेकर घोर लापरवाही बरती गई। इस लापरवाही के कारण जिले को आगामी तिमाही (Quarter 2) का नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड्सबजट मिलने में भी संकट खड़ा हो गया है।
कड़ी दंडात्मक कार्यवाही के दिशा निर्देश- क्वालिटी इंश्योरेंस के मानकों में मिले इस भारी अंतर (Gap) और योजनाओं में सीधे तौर पर दिख रहे भ्रष्टाचार को लेकर डिप्टी डायरेक्टर डॉ. पंकज बुधौलिया ने सख्त लहजे में कहा कि शासकीय कार्यों में पारदर्शिता से समझौता और जनहित की योजनाओं में भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने दोनों मुख्य जिम्मेदार अधिकारियों—डीसीएमदीपिका साहू और एपीएमसंदीप नामदेव ,अर्बन नोडल अधिकारी डॉ अमजद खान को तत्काल नोटिस जारी करने और मामले की विस्तृत जांच करने के आदेश दे दिए हैं।



