वन विभाग की सांठ-गांठ की भेंट चढ़ रहे वन्य प्राणी

जबलपुर दर्पण से राजेश ठाकुर की रिपोर्ट करंजिया। प्रदेश सरकार वन्य प्राणियों के संरक्षण एवं संवर्द्धन के लिए विभिन्न योजनाओं को चला रही है,लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है, वन विभाग के मैदानी अमले की उदासीनता एव लापरवाही के चलते यह सभी योजनाएं दम तोड़ती नजर आ रही हैं ताजा मामला वन परी क्षेत्र पछिम करंजिया के अंर्तगत वन ग्राम दादर गांव में विगत दिवस विजली के तारों का फंदा लगाकर वन्य प्राणियों को फसाकर शिकार करने का मामला सामने आया है, दो शिकारियों को पकड़ा गया है,कुल सिंह कुशराम पिता अगन सिंह दसरथ पन्द्राम पिता गेंद सिंह निवासी ददर गांव अन्य आरोपियों की तलाश में वन विभाग की टीम ददर गांव में सर्चिंग कर रही है। जंगल मै अवैद्य रूप वन्य प्राणियों का शिकार होने का यह कोई पहला मामला नहीं है इसके पूर्व में भी कई बार अवैद्य शिकार के मामले सामने आए है,जानकारों की माने तो इस गोरखधंधे के पीछे वन विभाग के मैदानी अमले की संलिप्तता नजर आती है,वन्य प्राणियों के अंग प्रत्यंग की तस्करी करने बाला गिरोह इस इलाके में सक्रिय है जिसके चलते लगातार वन्य प्राणियों की हत्या के मामले सामने आ रहे है, ददर गांव में शिकारियों के चंगुल से छुड़ाया गया तेंदुआ की मौत हो गई जिसका अंतिम संस्कार जिला मुख्यालय पर किया गया है,वन विभाग की रेस्क्यू टीम के द्वारा तेंदुए को वचाने के लिए प्रयास किये गए लेकिन ठंड के चलते उसकी मौत हो गई ।



