नरसिंहपुर दर्पणमध्य प्रदेश

शुगर मिलें बनी जानवरों पर अत्याचार करने का अड्डा

आधुनिकी के दौर में जानवरों पर इतना अत्याचार क्यूँ ?

पवन कौरव गाडरवारा। आज के आधुनिकीकरण के दौर में जहां जानवर विलुप्त होते जा रहे हैं तो वही जानवरों पर अत्याचार जो है कि थमने का नाम तक नही ले रहा है । आये दिन जानवरों के साथ हो रही घटनाओं के बारे में लगातार खबरें देखने को मिलती रहती हैं फिर चाहे वो वन्य प्राणी हो या सड़कों पर घूम रहा जानवर केंद्र में बैठी मोदी सरकार हो या फिर राज्य की शिवराज सरकार जानवरों तथा गौ सरंक्षण की बात आने पर अनेको राजनेता तथा मंत्री मुख्यमंत्री मंचों पर भाषण देने से नही चूकते मगर नरसिंहपुर जिले की बानगी कुछ इस तरह की मानो सभी नेताओं के भाषणों पर पलीता लग जाये क्यूँकि नरसिंहपुर जिला कृषि प्रधान जिलों में गिना जाता है यहां गन्ने की फसल को भी जिले के किसानों ने अपने खेतों में लगाया हुआ है तो दिवाली के बाद ज्यों ही जिले में संचालित होने वाली शुगर फैक्ट्रीयां नियम कायदों की सारी हदें पार कर जाती हों छ महीने चलने वाला गन्ने का सीजन मानो मूकबदर जानवरों के लिए आफत बनकर टूट पड़ता है मिल संचालकों के द्वारा मनमाना गन्ना बिना वैलों की कोई पीर किये बैलगाड़ियों के ऊपर लाद दिया जाता है । व बैलों को 5 से 10 किलोमीटर तक इस बोझे को मजबूरन ढोना पड़ता है । क्षमता से अधिक वजन लादने पर बैल कराह रहे होते हैं बैलगाड़ी चालक ऊपर बैठ कर बैलों को मारने नही कतराता ।लेकिन शासन प्रशासन को इनकी अनदेखी करने के अलावा ओर कुछ दिखाई देता हुआ नजर नही आ रहा है ।

सरकारें किसी की भी हो जानवरों पर अत्याचार बदस्तूर जारी है

आजकल के दौर में गाय पालना कोई पसन्द नही करता लेकिन ऐंसा कहने वाले लोगों को चाय समय पर चाहिए । आज हम इस खबर के माध्यम से पूछना चाहते हैं कि कहां गए वो संघटन जो कहते हैं कि गौ हत्या बन्द हो , कहां गए वो समाजसेवी लोग जो मंचो से कहते हैं गौ हत्या पर कानून बने जो दूसरों को शिक्षा दिया करते थे आज शायद उनके कानों में आंखों देखने के बाद भी जूं तक ना रेंगती हो लेकिन शुगर मिल प्रबंधन आये दिन सर्व सुविधाएं होने के बाद भी जानवरों पर अत्याचार करने से बाज नही आ रहे प्रदेश एवं शहरों से आये मजदूर लोग जानवरों से अधिक बोझ ढुलवाने के चक्कर मे उनके साथ अत्याचार करने से नही चूक पा रहे हैं , लेकिन सवाल ये भी की शासन प्रशासन इन पर कार्यवाही करने से क्यूँ कतरा रहा है खुलेआम नियम कायदों की धज्जियां उड़ा रही शुगर मिली इन दिनों शासन प्रशासन की बेताज बादशाह बनी हुई हैं । किसानों की खून पसीने की कमाई पर चलने वाली ये सुगर मिलें समय पर खाना पीना खिलाये केवल 4 से 6 महीने अपनी मोटी कमाई कर सड़कों पर छोड़ इन बेसहारा बना जानवरों को दुर्घटनाओं का शिकार होने के लिए छोड़ जाते हैं क्योंकि कम समय मे अधिक धन की प्राप्ति के पश्चात ये जानवर अब किसी काम के जो नही बचते उन लोगो के लिए अब देखना यह है कि शासन प्रशासन क्या कार्यवाही करता है या शुगर मिलों में जानवरों के साथ हो रहा अत्याचार बदस्तूर जारी रहेगा ।

इनका कहना है –इस संबंध में कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक महोदय को ज्ञापन दिया गया था जिले में संचालित शुगर मिलें लगातार पशु क्रूरता अधिनियम का उल्लंघन कर रही हैं । मनमाना वजन बैलगाड़ियों पर ले जाया जा रहा है । शासन प्रशासन को इस विषय पर जल्द कार्यवाही करनी चाहिए ।
भागीरथ तिवारी जिला मानद पशु कल्याण अधिकारी नरसिंहपुर

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