जबलपुर दर्पणमध्य प्रदेश

आयुष्मान योजना के अंतर्गत निजी अस्पतालों के लंबित भुगतान का शीघ्र हो निराकरण : तरुण भनोत

जबलपुर दर्पण। एक तरफ जहां स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा कोरोना के नये वेरियंट को लेकर राज्य सरकारों को व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने दिशा-निर्देश दिए जा रहे है, वही दूसरी तरफ आयुष्मान योजना के अंतर्गत उपचार कर रहे पंजीबद्ध निजी अस्पतालों द्वारा शासन से लंबित भुगतान न होने की स्थिति मे आयुष्मान कार्डधारियों को उपचार कराने मे कई तरह की समस्याएं और कठिनाइयाँ शुरू हो गई है | ऐसे समय मे निजी अस्पताल और शासन के बीच का सामंजस्य बिगड़ना कहीं न कहीं मरीजों के जान के साथ खिलवाड़ है और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के इस फ्लैग्शिप योजना को लेकर राज्य सरकार की संवेदनहीनता और उदासीनता को दर्शाती है | उक्त आरोप प्रदेश सरकार मे पूर्व वित्त मंत्री एवं जबलपुर पश्चिम से विधायक तरुण भनोत ने निजी अस्पतालों के द्वारा आयुष्मान योजना के अंतर्गत देय राशि के भुगतान न होने और मरीजों को उपचार मे हो रही कठिनाईयों के परिपेक्ष्य मे राज्य सरकार पर लगाया गया है |
उल्लेखनीय है कि निजी अस्पताल के लंबित भुगतान के कारण मरीजों को उपचार मे हो रही कठिनाइयों की प्राप्त शिकायत को लेकर विधायक श्री भनोत ने प्रदेश सरकार के आयुष्मान योजना के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अदिति गर्ग को पत्र लिखकर जबलपुर के पंजीबद्ध निजी अस्पतालों को आयुष्मान योजना के अंतर्गत दिए गए उपचार की देय राशि के तत्काल भुगतान के संबंध मे आग्रह किया गया है ताकि किसी भी लाभार्थी के उपचार मे निजी अस्पतालों का लंबित भुगतान अड़चन ना बने। श्री भनोत ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी को बताया कि शासन द्वारा निजी अस्पतालों का भुगतान रोके जाने से उनके समक्ष भी वित्तीय संकट खड़ा हो चुका है और अधिकतर निजी अस्पतालों द्वारा आयुष्मान योजना के लाभार्थियों के उपचार पर अस्थाई रूप से रोक लगा दी गई है |
श्री भनोत ने बताया कि प्रदेश मे आयुष्मान योजना के अंतर्गत अब तक 3085.19 करोड़ रुपये का उपचार हो चुका है, किन्तु आयुष्मान योजना के एवज मे केंद्र सरकार द्वारा राज्य सरकार को मात्र 2247.39 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है और लगभग 837 करोड़ रुपये का भुगतान अब भी लंबित है | उन्होंने श्रीमती अदिति गर्ग को संबोधित पत्र मे अवर मुख्य सचिव, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, मध्यप्रदेश शासन के साथ ही राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. आर.एस. शर्मा को सूचनार्थ एवं तत्काल आवश्यक कार्यवाही हेतु पत्र अग्रेषित किया हैं |

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