वर्षों पुराने देवहारगढ़ संरक्षण समिति का किया गया गठन


डिण्डौरी। शाहपुर दर्पण। जिले के ग्राम पंचायत गोरखपुर के प्राचीन दैविक स्थान देवहारगढ़ में राजश्री माता एवं सिध्द बाबा का स्थान है, जहां इन दिनों विरान नजर आ रही है। बताया गया कि
वहां के प्रक्तिक मूर्तियों को यहां वहां चुरा के ले जाया गया है। मान्यता है कि प्रचीन दिवार जो पंडवों द्वारा जोड़ा गया, उनहें भी छत विछत कर हानी पहुंचाया जा रहा है। बताया गया कि एक दिन गांव वालो ने देखा तो उनका देव स्थान को भी परिवर्तित कर दिया गया, इस आमाननीय कृत को देखते हुवे गांव वालों ने सर्व सम्मति से बैठक कर समिति गठन का निर्णय लिया गया। जिसमें सम्मलित ग्राम गोरखपुर शार्मापुर,पंडाटोला,आमाचूहा, धमनगांव,जोगीटिकरिया,हिनौता,बिजौरा,रानीबुढार के लोग सम्मलित रहे। गठन समिति में मनोनित अध्यक्ष अमरू सिंह सैयाम गोरखपुर व उपध्याक्ष फूलसाय मरावी बिजौरा को चुना गया, इसी तरह कोषाध्यक्ष घनश्याम यादव ग्राम धमनगांव व उप कोषाध्यक्ष अनिल कुमार परस्ते को नियुक्त किया गया है।सचिव का जिम्मा जसवंत सिंह घोषी को सौंपा गया है। समिति सदस्य भोला सिंह मार्को, अजीतवालरे ,धीरत सिंह सैयाम ,राम गरीबा परस्ते,अरविद वालरे, हलकू कुशराम, चेतसिंह धुर्वे ,संतोष,हेमू सिंह वालरे , सुन्दर मसराम पंडाटोला ,नंदू बनवासी, जीवनलाल यादव, आंनद सिंह ,रूपसिंह परस्ते सहित अन्य सदस्य सहित ग्रामीण मौजूद थे।



