विधुत मंडल के अधिकारियों कर्मचारियों ने नारेबाजी कर विधायक को सोंपा ज्ञापन

निजीकरण के विरोध में सौंपा ज्ञापन
हटा। मध्यप्रदेश यूनाईटेड फोरम फॉर पॉवर इंप्लाइज एवं इंजीनियर्स के द्वारा शुक्रवार शाम हटा विधुत मंडल कार्यालय से रैली निकालकर हटा विधायक कार्यालय पहुँचकर विधायक पीएल तंतुवाय के समक्ष प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें बताया गया कि केंद्र शासन द्वारा वितरण कंपनियों के निजीकरण हेतु स्टेंडर्ड बिड डॉक्युमेंट जारी किया गया है। जिससे सभी वितरण कंपनियों को आठ माह की समयावधि में निजीकरण करने हेतु कहा गया है। इस सम्बंध में मध्यप्रदेश में पूर्व में भी भोपाल के चार जोन एवं सागर उज्जैन शहरी फ्रेंचाइजी के आधार पर निजीकरण करने के प्रयास किये गए थे लेकिन यह सभी प्रयास असफल रहे एवं इस निजीकरण से आम उपभोक्ताओं किसानों ओधोगिक एवं व्यवसायिक बिजली महंगी होने के साथ साथ वितरण कंपनियों में कार्यरत सभी अधिकारी कर्मचारियों संविदा एवं बाह श्रोत कर्मचारियों के सेवाओ में विपरीत प्रभाव पड़ेगा। इसके साथ ही संगठन के द्वारा ज्ञापन में 7 सूत्रीय सुझाव भी उल्लेखित किये गए। वही ज्ञापन में निजीकरण न किये जाने की मांग की गई और बताया गया कि सरकार अगर हमारी मांगे नही मानती तो हम सभी उग्र आंदोलन एवं भोपाल में प्रदर्शन सहित अन्य प्रयास करेंगे। इस दौरान सभी ने अपने अपने विचार प्रकट करते हुए हटा विधायक के समक्ष अपनी मंशा जाहिर की। सोंपे गए ज्ञापन के दौरान लक्ष्मण सिंह राजपूत, संजय पल्लीथकर, एलपी तिवारी, मनीष दुबे, संदीप धुर्वे, महेंद्र राय, आरके विश्वकर्मा, अशोक असाटी सहित बड़ी संख्या में अधिकारी कर्मचारियों की मौजूदगी रही।



