केंद्र सरकार की चूक का नतीजा है किसान परेड में हुई हिंसा-वासनिक

मप्र कांग्रेस के प्रभारी मुकुल वासनिक का हुआ मण्डला आगमन-जिला कांग्रेस की ली बैठक
मण्डला । अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय महासचिव एवं मप्र कांग्रेस के प्रभारी मुकुल वासनिक का गुरुवार को मण्डला आगमन हुआ जहां उन्होंने जिला कांग्रेस कमेटी की बैठक लेकर कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश व मार्गदर्शन दिया। जिले के कार्यकर्ताओं ने जबलपुर से मण्डला नगर के बीच निवास, बबलिया, बकौरी, कटरा, बिंझिया में उनका स्वागत किया। इसके बाद श्री वासनिक ने जिला कांग्रेस कार्यालय पहुंचकर संगठन के प्रोसीडिंग रजिस्टर में अपने आगमन की सूचना लिखकर उसमें हस्ताक्षर किए। जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष एड राकेश तिवारी ने उन्हें जिले की आदिवासी संस्कृति से जुड़ी स्मृति के रूप में मोमेंटो भेंट किया। इसके बाद वे बैठक स्थल नगरपालिका टाउनहॉल पहुंचे जहां जिला संगठन के पदाधिकारियों, विधायक गणों, मोर्चा संगठनों के अध्यक्षों सहित समस्त ब्लॉक अध्यक्षों ने उनका फूलमालाओं से स्वागत किया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने जिले की गतिविधियों की रिपोर्ट बुकलेट श्री वासनिक को सौंपकर जिला संगठन की जानकारी प्रदान की साथ ही किसान आंदोलन की बुकलेट भी सौंपकर किसान आंदोलन के समर्थन में आयोजित गतिविधियों की जानकारी दी गई। बिछिया विधायक नारायण सिंह पट्टा ने बिछिया विधानसभा में आगामी फरवरी माह में उनके द्वारा आयोजित की जा रही पंचायत संवाद यात्रा की जानकारी श्री वासनिक को देते हुए इसकी अनुमति प्राप्त की एवं इस यात्रा का पोस्टर उनसे अनावरण करवाया। निवास विधायक डॉ अशोक मर्सकोले ने अपने विधानसभा क्षेत्र में भी संवाद कार्यक्रम की जानकारी श्री वासनिक को दी। नगरपालिका अध्यक्ष पूर्णिमा शुक्ला ने नगरीय क्षेत्र में संगठन की गतिविधियों के संबंध में श्री वासनिक को जानकारी दी। बैठक के दौरान जिला संगठन प्रभारी सी पी मित्तल, प्रदेश महामंत्री राजकुमार पटेल सहित अन्य वक्ताओं ने उपस्थित कार्यकर्त्ताओं को संबोधित किया। बैठक में उपस्थित कार्यकर्त्ताओ को सम्बोधित करते हुए श्री वासनिक ने कहा कि आज संगठन के एक एक कार्यकर्ता को साथ लेकर आम जनता की लड़ाई लड़ने की जरूरत है। हमें जमीन में रहकर ही लोगों के काम करने होंगे और जनता से जुड़े मुद्दों पर संघर्ष करना होगा। संगठन में अनुशासन और एकता से ही हम एक बार फिर प्रदेश में सरकार बनाने में कामयाब होंगे। यह समय निराश होने का नहीं बल्कि पूरी ताकत के साथ संघर्ष करने का है। केंद्र की सरकार ने तीन नए कृषि कानून बनाकर किसानों के सामने जीवन और मरण की चुनौती रख दी है हमें किसानों की लड़ाई लड़नी है। यह किसान आंदोलन देश के इतिहास का सबसे सफल और शांतिपूर्ण आंदोलन है लेकिन केंद्र सरकार की चूक की वजह से किसान परेड में हिंसा हुई इसके लिए नैतिक जबाबदारी लेते हुए केंद्रीय गृहमंत्री को इस्तीफा देना चाहिए। केंद्र सरकार के इन तीनों काले कानूनों के खिलाफ हमें और मजबूती से संघर्ष करना है। उन्होंने में ऊर्जा संचार करने वाला उदबोधन देते हुए संगठन को मजबूत करने की अपील की। इस दौरान जिले के सभी जनप्रतिनिधिगण, जिला संगठन के समस्त पदाधिकारी, प्रदेश कांग्रेस के पदाधिकारी व प्रतिनिधि सहित समस्त ब्लॉक अध्यक्ष, समस्त मोर्चा संगठनों के अध्यक्ष एवं सैकड़ो की संख्या में कार्यकर्ताओं की उपस्थिति रही।



