स्कूली बच्चों की गणवेश वितरण में लापरवाही

आरटीआई से हुआ खुलासा,
स्कूली बच्चों के हक मे डाल रहे डाका,अधिकारी/कर्मचारी
एस.पी.तिवारी, मण्डला
म.प्र.सरकार द्वारा अच्छी शिक्षा व्यवस्था के तहत शासकीय स्कूलों मे अध्ययनरत बच्चों को अनेकों योजनाएं चला कर बच्चों को लाभ दिया जा रहा जैसे मध्यान्हन भोजन, पुस्तकें एवं गणवेश आदि अनेकों प्रकार से स्कूली बच्चों को लाभ दिया जा रहा है। ताकि गरीब से गरीब परिवार के बच्चे शिक्षा से बंचित न रह सके। किन्तु इन योजनाओं को निचले स्तर के संचालन मे विभाग द्वारा घोर लापरवाही की जा रही है। ऐसा ही एक मामला शाला की गणवेश वितरण मे हुई लापरवाही का खुलासा आरटीआई से जानकारी लेने के बाद प्रकाश मे आया है।
ये है मामला-
जिले के विकास खण्ड मण्डला के माध्यमिक शाला छपरी मे बर्ष 2018-19 मे स्कूली छात्राओं को गणवेश वितरण नहीं किया गया। जब इस संबंध मे आरटीआई द्वारा शाला छपरी से जानकारी ली गई। तो शाला के प्रधानाध्यापक द्वारा अपने पत्र क्र. 29/गणवेश/2020/छपरी दिनांक 20/03/2020 मे यह बताया की बर्ष 2018-19 मे स्कूली छात्रों को वितरण हेतु गणवेश विभाग द्वारा नही मिली। इसलिए बच्चों को गणवेश से बंचित रहना पड़ा उन्हें अपने पैसों से गणवेश खरीदनी पड़ी।
वहीं जिला शिक्षा केन्द्र, सर्व शिक्षा अभियान से इस संबंध मे आरटीआई से जानकारी मांगी गई तो उन्होंने ने अपने पत्र क्रमांक- एस.एस.ए/आर.टी.आई./2020/569 मण्डला दिनांक 22/07/2020 मे बताया की बर्ष 2018-19 मे गणवेश आजीविका मिशन के द्वारा वितरण की गई थीं।
इस संबंध मे आजीविका मिशन अपने पत्र क्र.-245/सू.का.अ./रा.ग्रा.आ.नि./2020 मण्डला दिनांक 15/07/2020 के माध्यम से बताया गया कि सत्र 2018-19 मे छपरी स्कूल की गणवेश दिनांक 09/09/2019 को जन शिक्षा केन्द्र पोड़ी लिंगा, संकुल बिनैका को दी गयी हैं। इसके बाद भी बच्चों को गणवेश नही मिली उन्होंने अपने व्यय से गणवेश लेना पड़ी।अगर आजीविका मिशन ने जन शिक्षा केन्द्र को दी गई है। जिसकी जवाब देही जिला शिक्षा केन्द्र की है की इन बच्चों की गणवेश कहां गई। जब मुख्यालय के नजदीक वाली शाला मे ऐसा लापरवाही वाला कार्य किया गया है तो ग्रामीण क्षेत्रों मे क्या हाल हुआ हो। न जाने जिले के कितने स्कूलों मे इसी तरह की लापरवाही की गई होगी।जिसा खुलासा जांच के उपरांत सामने आ सकेगा।
आरटीआई कार्यकर्ता ने उक्त प्रकरण की शिकायत दिनांक 07/10/2020 को जिला कलेक्टर को करते हुए सूक्ष्म जांच करवाने की मांग की है। ताकि बच्चों के हक मे डाले गये डाके से पर्दा उठ सके। और लापरवाही करनेवाले अधिकारी/कर्मचारियों के ऊपर कार्यवाही हो सके।
इनका कहना है-
आपके द्वारा मामला संज्ञान मे लाया गया है मै इसकी शीघ्र जांच करवाई जाएगी। एवं दोषी पाये जाने पर कठोर की जावेगी। शैलेश मिश्रा
अध्यक्ष जिला शिक्षा स्थाई समिति, जिला पंचायत मण्डला।



