नर्मदा जयंती पर श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी,नर्मदा तटों पर दिखी हजारों की भीड़

मुख्यालय में जगह-जगह हुआ भंडारे का आयोजन।
शिवसेना ने जिला मुख्यालय की मुख्य मार्गों से निकाली झांकियों।
डिंडोरी दर्पण ब्यूरो। जिले भर में नर्मदा जयंती पर्व को लेकर नर्मदा तटों सहित अन्य धार्मिक स्थलों में हजारों की भीड़ देखी गई, लोगों ने श्रद्धा भाव से आस्था की डुबकी लगाई और भक्ति भाव से पूजा पाठ किया। जिला मुख्यालय सहित अन्य धार्मिक स्थलों में जगह-जगह खीर, पुड़ी, हलवा, सब्जी आदि का प्रसाद वितरण किया गया, जहां बड़ी संख्या में लोग भंडारे का प्रसाद खाते नजर आए,प्रसाद पाने के लिए लोगों की भीड़ दिन भर बनी रही। नर्मदा जयंती पर्व को लेकर जिले के विभिन्न नर्मदा तट पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ देखी गई ,पर्व को लेकर सवारी वाहनों सहित अन्य वाहनों में जमकर ओवरलोडिंग की गई, जिससे दिन भर हादसे की आशंका बनी रही। जिले के विभिन्न नर्मदा तटों पर लोगों की भीड़ भाड़ दिनभर नजर आई।नर्मदा प्रकटोत्सव के पुण्य अवसर पर नर्मदा तटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, दूर दराज से आये भक्तगण माँ नर्मदा में डुबकी लगाकर धर्म लाभ लिया। डिंडोरी नगर के मढिया घाट,शांति नगर,शंकर घाट, इमली कुटी,रपटा घाट सहित जोगी टिकरिया में दिन भर नर्मदा भक्तगण डुबकी लगाकर विधि विधान से मां नर्मदा की पूजा अर्चना कर रहे थे।
- अमलेश्वर धाम नर्मदा कुंड बीहर में राम कीर्तन का समापन।
जिला मुख्यालय से लगभग 20 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत खाम्हा मै गांव से दूर जंगल में स्थित अमलेश्वर धाम नर्मदा कुंड बीहर में प्रति वर्षा अनुसार इस साल भी राम कीर्तन का आयोजन चल रहा था, अखंड राम कीर्तन का समापन कल नर्मदा जयंती के मौके पर धूमधाम से किया गया। आयोजन समिति के अध्यक्ष मुरली सिंह राजपूत ने बताया कि अमलेश्वर धाम नर्मदा कुंड बीहर में पिछले 18 वर्षों से लगातार नर्मदा जयंती के अवसर पर अखंड राम कीर्तन एवं विशाल भंडारे का आयोजन किया जाता रहा है। इस साल भी जन सहयोग से सफलतापूर्वक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बताया गया कि राम कीर्तन में धर्म लाभ लेने के लिए आसपास गांव से बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे थे, समापन के बाद भंडारे का आयोजन किया गया, जहां बड़ी संख्या लोगों ने भंडारे का प्रसाद पाया। गौरतलब है कि अमलेश्वर धाम नर्मदा कुंड बीहर में वर्ष में पड़ने वाले सभी पर्वों के दौरान बड़ी संख्या में लोग पहुंचकर धर्म लाभ लेते हैं।



