नशा छोड़ टीबी मुक्त भारत बनाने में आगे आए युवा

जबलपुर। 24 मार्च विश्व क्षय (टीबी) दिवस पर मिशन 2025 टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत शांतम प्रज्ञा आश्रम में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शांतम प्रज्ञा आश्रम नशा मुक्ति मनो आरोग्य दिव्यांग पुनर्वास केंद्र गोहलपुर में उपचार ले रहे नशा पीड़ित मरीजों को आश्रम के संचालक क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट मुकेश कुमार सेन द्वारा टीबी बीमारी के विषय में बताया गया। पूरी दुनिया में 24 मार्च को क्षय रोग यानी टीबी (TB) के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए ‘विश्व टीबी दिवस 2021’ (World Tuberculosis Day 2021) मनाया जाता है। इसे विश्व तपेदिक दिवस, विश्व क्षयरोग दिवस (Tuberculosis) भी कहा जाता है। हर साल इस दिवस को सेलिब्रेट करने का कोई ना कोई थीम (Theme of World TB Day 2021) होती है। इस बार की थीम ‘द क्लॉक इज टिकिंग’ (The Clock is Ticking) है। इस थीम का अर्थ है कि समय हर पल अपनी गति से आगे बढ़ रहा है, ऐसे में टीबी रोग को जड़ से खत्म करने का यही समय है। ग्लोबल लीडर्स द्वारा टीबी को जड़ से खत्म करने की जो प्रतिबद्धता (Commitments) ली गई थी, उस पर कार्य करने का यही समय है, क्योंकि दुनिया के हाथ से वक्त का पहिया निकला जा रहा है।विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुमान के अनुसार विश्व में लगभग 2 अरब से ज्यादा लोगों को लेटेंट (सुप्त) टीबी संक्रमण है वहीं भारत में 2019 में चिन्हित टीबी मरीजों की संख्या लगभग 24 लगभग थी वहीं 2020 में कोरॉना महामारी के कारण गणना प्रभावित हुई फिर भी वैज्ञानिकों और चिकित्सकों की माने तो 2019 के मुकाबले 2020-2021 में भारत सहित पूरे विश्व में टीबी के मरीजों में काफी वृद्धि हुई है। सम्पूर्ण विश्व में टीबी को जड़ से समाप्त करने संकल्प लिया गया है। भारत में भी केंद्र सरकार द्वारा मिशन 2025 टीबी मुक्त भारत अभियान शुरू किया गया है जिसके अंतर्गत भारत को 2025 तक टीबी पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। नशे के कारण भी टीबी होने की काफी संभावना रहती है बीड़ी, सिगरेट,गांजा,स्मैक आदि धुंए वाले नशे से टीबी होने की संभावना अधिक होती है। इसलिए युवा नशा छोड़ भारत को टीबी मुक्त बनाने में सहयोग करें।इस अवसर पर राकेश सेन, डॉ आर एस सेन,मुकेश कुमार सेन,अजय सराफ,भविष्य श्रीवास ,हर्ष श्रीवास आदि सदस्य उपस्थित रहे। मरीजों सहित सभी ने टीबी दिवस पर नशा मुक्त रहने का संकल्प लिया।



