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कोरोना की दस्तक अब गाँव-गाँव में


– जबलपुर जिले एवं ग्रामीण क्षेत्रों मे करोना का कहर थमने का नाम नही ले रहा है। पाटन विधान सभा के अंतर्गत 75% लोग इस समय सर्दी ,बुखार,खाशी,हाथ पैर दर्द से कहार रहे है। और प्रशासन गहरी नींद में सोया है।कोविड की रोकथाम लिए आज विधायक श्री विश्नोई तथा जिले के कलेक्टर श्री कर्मवीर शर्मा ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाटन का निरीक्षण किया एवं वहां बैठक कर स्थानीय प्रशासन को कोविड-19 रोकथाम के लिए जरूरी दिशा निर्देश दिए इस दौरान एसडीएम श्री आशीष पांडे,तहसीलदार प्रमोद चतुर्वेदी बीएमओ, सीईओ जनपद तथा जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में कोविड-19 से संबंधित सभी विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई एवं सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि हर हाल में नगरीय क्षेत्रों तथा ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना के संक्रमण को हर हाल मे रोकना है।अतः इसके लिए माइक्रो प्लानिंग से एवं फील्ड में जाकर काम करने की जरूरत है। इस काम मे किसी भी तरह की लापरवाही नही होनी चाहिये विधायक श्री विश्नोई ने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाटन में कम से कम 50 आक्सीजन सिलेंडर की उपलब्धता हमेशा हो इसके साथ ही आवश्यक दवाइयां उपलब्ध हो और आवश्यकता पड़ने पर मरीजों को शिफ्ट करने के लिए पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए जिससे कोविड-19 से ग्रस्त मरीजों को आसानी से जबलपुर शिफ्ट किया जा सके जिन मरीजो मे कोविड-19 के शुरुआती लक्षण पाये जाते है।उन मरीजों को समय पर पहचान करके उंन्हे आइसोलेट करें व दवाइयां दे। उन्होंने सभी से रोगी कल्याण समिति व रेड क्रॉस में सहयोग करने की अपील की तथा स्वयं रोगी कल्याण समिति में एक लाख रुपये देने को कहा, कलेक्टर श्री शर्मा ने कहा कि कोविड की रोकथाम व बचाव के लिए टीम घर-घर सर्वे करें और कोविड के लक्षण दिखने पर उन्हें तत्काल मेडिकल किट दें और होम आइसोलेशन में रहने की सलाह दें यदि किसी गांव में 10 लोगों से ज्यादा संक्रमित हैं।तो यह समझ लेना चाहिए कि निश्चित ही वहाँ कोविड संक्रमण है।और उस हिसाब से ट्रीटमेंट शुरू कर देना चाहिये। होम आइसोलेशन मरीजों के लिए एक अतिरिक्त सुविधा है। अतः हम आइसोलेशन के गाइडलाइन का पालन करना अनिवार्य होगा यदि कोई कोविड-19 के मरीज द्वारा करोना गाइडलाइन का उल्लंघन करते पाया गया तो उसे तुरंत कोविड केयर सेंटर में लाया जाय। बैठक में कोविड नियंत्रण के साथ ही गांव में बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा गया कि बिजली,पानी और राशन की व्यवस्था समुचित रूप से हो जाए। इसमें कहीं कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। यदि कोई ट्रांसफार्मर खराब है। तो नियत समय पर उसे ठीक कराएं।सेल्समैन व सचिव यह सुनिश्चित करें कि सभी पात्र व्यक्तियों को खाद्यान्न सुनिश्चित हो जाए। इसके साथ ही संक्रमण को देखते हुए ग्राम पंचायत सचिव को निर्देशित किया गया कि वह यह पता करें कि किन-किन लोगों की शादी कब है। और उन्हें पहले से बताएं कि शादी में दोनों पक्ष के कुल 10 व्यक्ति ही शामिल हो सकेंगे अन्यथा अनुशासनात्मक कार्यवाही की जावेगी। बैठक में विशेष रूप से यह कहा गया कि करोना के लक्षण दिखते ही मरीजों के उपचार शुरू कर दिया जाए और उन्हें आइसोलेशन में रहने की सलाह दी जाये तथा होम आइसोलेशन की नियमों का पालन भी वे करें। सर्वे टीम नियमित रूप से घर-घर सर्वे करें और संक्रमितों की पहचान सुनिश्चित करें ताकि उनका समय पर उपचार हो सके। जिले में कोविड-19 संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।मौत का आंकड़ा भी एक दर्जन से ज्यादा का जा पहुंचा है। संक्रमण की चैन को तोड़ने के लिए शासन प्रशासन द्वारा जिले में कोरोना कर्फ्यू लागू किया गया हैै।कोरोना कर्फ्यू के बाद भी जिले में संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ते नजर आ रहे हैं।गौरतलब है कि अब कोरोना वायरस का संक्रमण ग्रामीण अंचलों की ओर भी अपना पैर पसारता जा रहा है।जिले के कई गांवों से अब कोरोना वायरस संक्रमित मरीज निकलकर सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अमले को भी सभी मरीजों को समुचित इलाज की व्यवस्था करवाने में परेशानी हो रही है। गौरतलब है कि जिले के अधिकांश कोरोना सेंटरों में पर्याप्त सुविधाएं नहीं है, जिससे भर्ती मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। बताया गया कि कोरोना पॉजिटिव मरीज सावधानियां नहीं बरत रहे है और गांव, कस्बों सहित अन्य स्थानों पर बेफिक्र घूमते नजर आ रहे हैं, यही कारण है कि संक्रमण के मामले में कोरोना कर्फ्यू के बाद भी तेजी से बढ़ते नजर आ रहे हैं।
पाटन विधान सभा की विडंबना यही है कि पाटन छात्रावास में क्वॉरेंटाइन सेंटर नगर परिषद के द्वारा रेडी करके स्वास्थ्य स्वास्थ्य विभाग के हैंड ओवर कर दिया गया है।एवं सोशल मीडिया के माध्यम से पाटन क्षेत्र के लोगों को यह जानकारी दी गई थी कोविड-19 से ग्रस्त मरीज अपना इलाज यहाँ करा सकते हैं। लेकिन आज तक यहाँ पर स्वास्थ्य विभाग के द्वारा न ही, पैरामेडिकल स्टाफ और न जरूरी दवाइयां उपलब्ध कराई गई है जिसके कारण सेंटर आज भी बंद है। धरातल पर यहां कुछ भी नहीं है। गेट पर ताला लगा है। प्रशासन को इस ओर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए एवं इस तरह की घोषणा नहीं की जानी चाहिए जो काम धरातल पर हुआ ही नहीं है।

प्रशासन की उदासीनता के चलते पाटन के युवाओं ने की आक्सीजन सेवा प्रारंभ
अपनों को खोता देख एवं क्षेत्र की जनता को भगवान भरोसे छोड़कर प्रशासन मूक दर्शक बनकर तमाशा देख रहा था तभी पाटन के युवाओं ने ठाना की हमें अपने क्षेत्र के लिए कुछ करना है।जब पाटन विधानसभा क्षेत्र के लोग एक एक सांस के लिए(ऑक्सीजन) अपने विधायक सांसद, प्रभारी मंत्री, मुख्यमंत्री और नगर व ग्रामीण के जनप्रतिनिधियों से आस लगाये बैठे थे तब सभी जनप्रतिनिधि मौन होकर मौत का तांडव देख रहे थे जनता से चुने जनप्रतिनिधि जो कार्य नही कर सके वह कार्य पाटन के युवाओ ने करके दिखाया बस मन मे भाव होना चाहिये मानव सेवा का पाटन के राजवीर सिंह एवं उनके साथियों ने मिलकर आक्सीजन सेवा प्रारंभ की पाटन क्षेत्र के लोगो को अपने पैसे से ऑक्सिजन सिलेंडर देने का काम शुरू किया आज यह एक अभियान बन गया और देखते देखते पाटन के लोगो के लिए राजवीर की यह पहल संजीवनी बन गई है। आज पाटन के लोगो को फ्री आक्सीजन जो कोविड के मरीजो है। इनके द्वारा दी जा रही है। यह आक्सीजन किसी विधायक, सांसद या अन्य जनप्रतिनिधि माननीय के रहमोकरम पर नही दी जा रही है। पाटन के ऐसे नोजवान साथी के साहसिक कदम से मिलना शुरू हुई है। करोना महामारी के चलते लोगों की सोच में बदलाव आ रहा है। अब लोग सिस्टम की वजह से स्वयं आत्मनिर्भर बन रहे हैं। इसका जीता जागता उदाहरण है। पाटन की युवा पीढ़ी जिन्होंने यह कार्य करके दिखाया पाटन अब बदल रहा है। न लाचार था न है न रहेगा अब इस पुनीत कार्य मे क्षेत्र के लोगों का भी सहयोग प्राप्त हो रहा है।अपने अपने स्तर पर सभी योगदान कर रहे हैं। यही छोटा सा प्रयास निश्चित तौर पर सराहनीय है। अभी भी प्रशासनिक अमला 50 आक्सीजन सिलेंडरों की उपलब्धता पर जोर दे रहा है।उसके विपरीत यहां के युवाओं ने जो मरीज करोना से ग्रस्त हैं। और उनको ऑक्सीजन की आवश्यकता है। उनको ऑक्सीजन सेवा देना शुरू कर दिया है। निश्चित तौर पर यह एक सराहनीय प्रयास है।



