नवयुवकों ने हिरन नदी में नहर का पानी लाने में दिखा रहे हिम्मत ।

नर्मदा नदी की सबसे बड़ी सहायक नदी हिरन नदी करीब 1 दिनों से सूखी पड़ी है। वहीं हिरन नदी के सूखने पर शासन प्रशासन द्वारा हो रही अनदेखी । सिहोरा तहसील के अंतर्गत कूम्ही सतधारा सहित 12 गांव के लोगों पर जल संकट की तबाही का तमाशा प्रशासन के आला अधिकारी चुपचाप देख रहे है । शासन प्रशासन की लापरवाही से अब तक नहर का पानी नहीं मिल पा रहा है। जिससे कूम्ही सतधारा लमतरा देवरी कुकर्रा हरदी कचनारी जुनवानी पड़रिया महगवाॅ मढ़ा सहित अन्य गांव के लोगों का जनजीवन, मछली, पशु, पक्षी, जानवर, व अन्य जीवो पर जल संकट का भारी खतरा मंडरा रहा है। ऐसी परिस्थिति पर कूम्ही गांव के नवयुवक हिरन नदी को जीवित रखने के लिए चार दिनों से नहर का पानी निकासी पर कार्य कर रहे हैं। जिसमें पुनः हिरन नदी जीवित धाराओं पर बहने लगे और जनजीवन, मछली, पशु, पक्षी, जानवर, व अन्य जीवो पर भीषण जल संकट को दूर किया जा सके। हिरन नदी बचाव कार्य पर मोहन मिश्रा, मन्तु दाहिया, विकास सोनी, ललित दाहिया, महेश बर्मन, दीपक बर्मन, विकी बर्मन, मनोज विश्वकर्मा, पंकज सोनी, मोहित साहू, बीड़ीलाल श्रीवास, अभिशेक श्रीवास, बुद्धू बढ़ई, बड्डू राय, मुकेश कोल, सहित सैकड़ों लोग हिरन नदी के जल संकट से बचाने का लगातार कार्य कर रहे हैं।



