के जे एस सीमेंट कंपनी के माइंस में गरीबो के आड़ में अपना मतलब सिद्ध करने और नेतागिरी चमकाने पहुचे ?

मैहर। केजेएस सीमेंट के गिरगिटा माइन्स में आसपास के ग्रामीण कुछ नेताओं के बहकावे में पहुँचकर माइंस के काम को रोक दिया गया। आपको बताते चले कि माइंस के बगल में आदिवासी बस्ती है जहाँ के लोगो को भला फुसला कर विजय पटेल (लखवार) एवम लल्लू पटेल(बसपा) भीड़ लेकर काम को रोक दिया गया। जिसमें कम्पनी के ऊपर विभिन्न तरह के आरोप व गरीबो के हितों के मुद्दों को लेकर ग्रामीणों को माइन्स में ही धरना पर बैठ गए लेकिन सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार केजेएस सीमेंट कंपनी एक कहावत पर बड़ी सटीक बैठती है कि गरीब की लुगाई पूरे गांव की भौजाई,, उसी तरह जब भी किसी छोटे बड़े नेता को कोई काम चाहिए तो गरीब बस्ती के लोगो को बहका कर बड़े बड़े सपने दिखाते हुए कभी आंदोलन तो कभी गेट जाम तो कभी माइन्स में हड़ताल आज वर्षो से कंपनी के आसपास की समस्याओं को लेकर बहुत सारे बवाल हुआ लेकिन नेताओ के तो मतलब सिद्ध हो गए लेकिन गरीबो के समस्या आज तक हल नही हुआ ।आज इस तरह फिर दो नेता अपना मतलब सिद्ध करने गरीबो के आड़ में माइंस में धरना देकर बैठे है। अब देखना है कि इस धरना में गरीबो की समस्या कितनी सुनवाई होती है या नेताओ के मतलब सिद्ध होते है ।सबसे बड़ी बात की जितने भी ग्रामीण है उनमें से ज्यादातर शराब के नशे में है ऐसे में कोई माइन्स में घटना हो जाएगी तो कौन जिम्मेदार होगा विजय सिंह पटेल या लल्लू पटेल ? या कौन?



