जबलपुर दर्पणमध्य प्रदेश
फिर पानी से भीगा अनाज, जवाबदेही किसकी

जबलपुर दर्पण संवाददाता। जबलपुर जिले के पाटन के अंतर्गत आने वाले विपणन संघ के वेयर हॉउसो मे इन दिनों सरकार के द्वारा खरीदा गया अनाज चाहे वह धान हो या फिर गेहूँ हो उसे पानी मे गीला करने की होड़ मची है। सरकार के नुमाइंदे हर हाल मे उक्त अनाज को खराब करने की जगत लगा रहे है। ऐसा ही मामला पाटन से शहपुरा रोड़ पर पथरोरा मे संचालित वेयर मे नज़र आया है। वेयर हॉउसो मे रखा अनाज को सुरक्षित स्थान मे रखने के उद्देश्य से माल गोदामो से ट्रांसपोटिंग करके अन्य स्थानो पर ट्रक से ले जाया जा रहा है। इन ट्रको मे पानी से माल के बचाव के लिये ठेकेदार के द्वारा ट्रको मे तिरपाल के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जा रहे है। जिसके कारण सरकार के द्वारा खरीदा गया अनाज पानी से खराब हो रहा है। प्रशासन को चाहिए विपणन संघ के गोडाउन से माल परिवहन करने वाले ठेकेदार को सक्त निर्देश देना चाहिए किसी भी सूरत में परिवहन किया जाने वाला माल गिला हो के खराब न हो एवं परिवहन करने वाले सभी ट्रको मे पर्याप्त त्रिपाल की व्यवस्था सुनिचित की जाना चाहिये। परिवाहन के दोरान ट्रको के कर्मचारी द्वारा जो लापरवाही की जाती है। उसी के कारण अनाज खराब होता है। गोदामो से पहले खाली ट्रक का वजन किया जाता हैं फिर ट्रक लोड करके वजन किया जाता हैं फिर उस ट्रक का नेट वजन आता है इसी तरह से जब ट्रक अनलोड होता है तब भी इसी तरह की प्रक्रिया होती है।जबकि नियम यह होना चाहिए की बोरी की गिनती करके माल ट्रको मे लोड करना चाहिए और वजन भी जिससे अनाज चोरी की , संभावना बहुत कम हो जाती हैं। लेकिन ऐसा होता नही है। वजन से ही सारा खेल शुरू होता है।जब वाहन मे लोड अनाज पानी से गिला हो जायेगा तो उसका वजन तो बड़ ही जायेगा और जितना वजन बड़ता है उतना अनाज इन ट्रको से उतार लिया जाता हैं। इस खेल मे गोदाम,सुपरवाइजर से लेकर विपणन संघ के अधिकारी और परिवाहन कर्ता ठेकेदार सभी लिप्त हैं। यह सारा खेल जिले के अधिकारियों की साठ गाँठ से ही खेला जा रहा है। इस लिये मध्य प्रदेश के खाद्य मंत्री को सक्त निर्देश देना चाहिए यदि परिवाहन कर्ता ठेकेदार की लापरवाही से अनाज खराब होता है। तो खराब हुए अनाज की राशि ठेकेदार से वाशूल की जायेगी।


