कोरोना संक्रमण को देखते हुए न्यायालयों में होगी वर्चुअल सुनवाई

जबलपुर दर्पण। वर्तमान समय में कोरोना की तीसरी लहर से संक्रमण तेजी से फैल रहा है, जिससे अधिवक्ता तथा न्यायाधीश व न्यायिक कर्मी संक्रमित हुए हैं और हो रहे हैं जिसको देखते हुए, म.प्र. राज्य अधिवक्ता परिषद के अध्यक्ष शैलेंद्र वर्मा ने म. प्र. हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस आर.वी. मलिमथ को पत्र लिखकर हाईकोर्ट की मुख्य पीठ जबलपुर खंडपीठ ग्वालियर व इंदौर सहित प्रदेश के समस्त जिला एवं तहसील न्यायालयों में प्रकरणो की सुनवाई हाईब्रिड अत्याधुनिक एप युक्त वर्चुअल व फिजिकल सुनवाई करने का निवेदन किया। स्टेट बार कौंसिल द्वारा भेजे गए पत्र पर गुरुवार को त्वरित कार्यवाही करते हुए चीफ जस्टिस ने वर्चुअल बैठक बुलाई। कार्यकारी सचिव हाजी मुईन खान ने बताया कि बैठक में स्टेट बार कौंसिल की कार्यकारिणी समिति के अध्यक्ष मृगेंद्र सिंह, अध्यक्ष शैलेंद्र वर्मा, प्रवक्ता राधेलाल गुप्ता, कार्यकारिणी समिति उपाध्यक्ष अहादुल्ला उसमानी सहित जबलपुर, इंदौर, ग्वालियर के हाईकोर्ट बार तथा प्रदेश के जिला अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी उपस्थित हुए। इस दौरान स्टेट बार के पदाधिकारियों ने चीफ जस्टिस से मांग की, कि मध्यप्रदेश में कोरोना की वर्तमान स्थिति को देखते हुए प्रदेश के न्यायालयों में हाइब्रिड वर्चुअल सुनवाई ज्यादा से ज्यादा करने की नितांत आवश्यकता है। चीफ जस्टिस द्वारा कोरोना संक्रमण की वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए निर्णय लिया कि न्यायालयों में वर्चुअल मोड से सुनवाई की जावेगी और यदि किसी अधिवक्ता के पास वर्चुअल सुनवाई की सुविधा नहीं है तो वह हाईकोर्ट के आईटी विभाग से संपर्क करेंगे तो उन्हें यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी साथ ही केसों की फाइलिंग भौतिक व वर्चुअल दोनों मोड से की जाएगी। चीफ जस्टिस द्वारा प्रदेश के अधिवक्ताओं के हितार्थ लिए गए निर्णय का स्वागत करते हुए स्टेट बार कौंसिल के पदाधिकारी मृगेंद्र सिंह, शैलेंद्र वर्मा, राधेलाल गुप्ता, अहादुल्ला उस्मानी, अखंड प्रताप सिंह, रश्मि ऋतु जैन, प्रताप मेहता, प्रेम सिंह भदोरिया, जय प्रकाश मिश्रा, नरेंद्र कुमार जैन, जय हार्डिया आदि ने आभार व्यक्त किया।



