रेत कम्पनी में कार्यरत है थाना प्रभारी का पति, जांच हो सकती है प्रभावित

पुलिस से मिलते जुलते लोगो एवं प्रेस लिखी गाड़ी में घूमते हैं टीआई के पति
नरसिंहपुर जिले में नर्मदा सहित अन्य नदियों में धनलक्ष्मी कम्पनी द्वारा किये जा रहे अवैध उत्खनन के विरुद्ध एनजीटी न्यायालय में याचिका लगाने वाले पत्रकार रमाकांत कौरव ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर उनके विरुद्ध सुआतला में दर्ज प्रकरण की जांच सुआतला की बजाय अन्य किसी अधिकारी से कराने की मांग की गई थी। जिस पर पुलिस अधीक्षक ने संज्ञान लेते हुए उक्त जांच को करेली थाना स्थानांतरित कर दिया है। अब करेली थाना प्रभारी अनिल सिंघई उक्त प्रकरण की जांच करेंगे।
पुलिस अधीक्षक को दिए आवेदन में याचिकाकर्ता ने उल्लेख किया है कि जिला खनिज अधिकारी ओ.पी. बघेल द्वारा दिनांक 21 जून को धनलक्ष्मी मर्चेंडाइस कम्पनी की रेत खदानों की जांच के दौरान किये गए घटनाक्रम के सम्बंध में मेरे विरुद्ध झूठा शिकायती आवेदन सुआतला थाने में दिया गया है। जिस पर सुआतला थाने में बिना कोई जांच के मेरे विरुद्ध शासकीय कार्य में बाधा डालने का विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। सुआतला थाना प्रभारी ज्योति दिखित के पति नवल ठाकुर धनलक्ष्मी मर्चेंडाइस कम्पनी में कार्यरत हैं एवं सुआतला थाना क्षेत्र के आसपास की नर्मदा नदी की रेत खदानों का संचालन एवं निगरानी का कार्य देखते हैं। चूंकि यह पूरा मामला धनलक्ष्मी कम्पनी द्वारा किये जा रहे अवैध उत्खनन से जुड़ा हुआ है। इसलिए आशंका है मेरे ऊपर दर्ज प्रकरण की सुआतला थाने में निष्पक्ष जांच नहीं हो पाएगी। सम्भवना है थाना प्रभारी ज्योति दिखित के पति नवल ठाकुर जांच को प्रभावित करने की कोशिश करेंगे। उपरोक्त सम्भवना को देखते हुए जांच की निष्पक्षता को ध्यान में रखते हुए याचिकाकर्ता द्वारा उक्त प्रकरण की जांच सुआतला थाने के बजाए अन्य किसी थाने में कराने का अनुरोध किया गया था। जिस पर पुलिस अधीक्षक ने उक्त मामले की जांच करेली थाने में स्थानांतरित कर दी है।
पुलिस से मिलते जुलते लोगो एवं प्रेस लिखी गाड़ी में घूमते हैं टीआई के पति
सूत्रों के अनुसार सुआतला थाना प्रभारी ज्योति दिखित के पति नवल ठाकुर जिस इंदौर पासिंग गाड़ी में घूमते हैं रेत खदानों की निगरानी करते हैं उसमें पीछे कांच पर पुलिस से मिलता जुलता लोगो लगा हुआ है। वहीं नम्बर प्लेट के ऊपर प्रेस भी लिखा हुआ है। यह भी जांच का विषय है कि एक निजी गाड़ी में इस तरह पुलिस से मिलता जुलता भृमित करने वाला लोगो क्यों लगा हुआ है एवं प्रेस क्यों लिखा हुआ है। याचिकाकर्ता ने बताया है कि 21 जून को एनजीटी के टीम द्वारा नर्मदा की रेत खदानों की जांच के दौरान यह गाड़ी रेवानगर, घाटपिपरिया एवं मुर्गाखेड़ा तीनों खदानों में पूरे समय जांच दल के साथ ही मौजूद रही है। सूत्रों की माने तो थाने के मामलों में भी नवल ठाकुर की दखलंदाजी रहती है। बुधवार को करेली थाने में खड़ी देखी गई थी उक्त इंदौर पासिंग गाड़ी।
इनका कहना है:-
वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा उक्त प्रकरण की जांच मुझे सौंपी गई है। जांच जारी है अभी, जांच उपरांत वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।
– अनिल सिंघई, थाना प्रभारी करेली



