आश्रम संचालक को फोन पर मिली जान से मारने की धमकी

जबलपुर। नशा पीड़ित, मानसिक रोगियों, दिव्यांगजनों के उपचार तथा गौ माता के संरक्षण संवर्धन के लिए सेवा कर रही आध्यात्मिक धार्मिक संस्था शांतम प्रज्ञा आश्रम नशा मुक्ति, मनो आरोग्य,दिव्यांग पुनर्वास केंद्र गोहलपुर नर्मदा नगर के संचालक मुकेश कुमार सेन को दिनांक 16 जून 2021 को दोपहर 2:30 बजे अज्ञात नंबर 9300011011 से फोन आया तथा काले रंग की एक्टिवा पर आश्रम आई एक युवती द्वारा आश्रम में भर्ती मरीज मोनू पांडे से मिलने की जिद की गई तथा आश्रम प्रबंधन द्वारा परिवार के अलावा किसी अन्य अपरिचित व्यक्ति से मरीज से नहीं मिलने के नियमों के बारे में बताया गया जिससे युवती द्वारा 9300011011 नंबर से बात कराई गई जिसमें अज्ञात युवक द्वारा शांतम प्रज्ञा आश्रम के संचालक को गाली देकर जान से मारने की धमकी दी गई ,आश्रम के अन्य कर्मचारियों द्वारा युवती को रोकने का प्रयास किया गया लेकिन विवाद होता देखकर युवती मौके से फरार हो गई।
आश्रम द्वारा जब उपरोक्त नंबर 9300011011 पर फोन लगाया गया तो पुनः आश्रम संचालक को पूर्व की भांति गाली देकर आश्रम बंद करवाने स्वयं को नया मोहल्ला निवासी बताकर जान से मारने की धमकी दी गई। इस नंबर और इस घटना के संबंध में जब भर्ती मरीज से जानकारी ली गई तो उसने भी इस नंबर और घटना के विषय में जानकारी न होने के विषय में बताया। साथ ही इस घटना की जानकारी जब आश्रम के संरक्षक श्री पिंटू पटेल को दी गई तो उन्होंने भी इस नंबर पर फोन लगाया लेकिन उनसे भी आश्रम के संचालक मुकेश कुमार सेन को जान से मारने और किसी हिंसक घटना को अंजाम देने की बात कही गई। इस घटना की शिकायत दिनांक 16 जून 2021 शाम को 7 बजे गोहलपुर थाना में की गई। इस घटना की गंभीरता को देखते हुए गोहलपुर सीएसपी श्री अखिलेश गौर ने तत्काल गोहलपुर थाने में पदस्थ कर्मचारियों को नंबर 9300011011 की जांच साइबर सेल से कराने के निर्देश दिए गए। लेकिन आज दिनांक 7 जुलाई तक उपरोक्त नंबर की न जांच की गई और न ही इस घटना के विषय में शांतम प्रज्ञा आश्रम प्रबंधन को जानकारी दी गई।
नशा मुक्ति, मनोआरोग्य और गौ सरंक्षण और संवर्धन के लिए आध्यात्मिक धार्मिक सेवा के लिए अपना जीवन समर्पित कर सेवा करने वाले शांतम प्रज्ञा आश्रम के संचालक को जान से मारने की धमकी देना एक हास्यास्पद लेकिन गंभीर घटना है। इस तरह नंबर की जानकारी सहित शिकायत करने पर तथा लगभग एक माह बीत जाने के बाद भी पुलिस द्वारा धमकी देने वाले व्यक्ति का पता न लगा पाना गोहलपुर पुलिस की कार्यप्रणाली और गंभीरता पर सवाल खड़े करता है ?



