संपादकीय/लेख/आलेखसाहित्य दर्पण

कब तक कहर ढायेगा कारोना

कुछ लोग मानते हैं कि करोना की तीसरी लहर आ गई हैं,कुछ लोग कहते हैं आने वाली हैं।वैसे तो जितने लोगो का रासीकरण हो गया हैं और जितने संक्रमित हो के ठीक हो चुके हैं उनको असर होने की संभावना कम है।तो बचे हुए लोगो को ही ज्यादा असर करेगा करोना।जो मुख्य रूप बच्चे ही हो सकते हैं।
लेकिन एक और भी प्रमुख प्रश्न हैं।जो ठीक हो गए हैं उनके सामने भी कितने ही प्रश्न हैं जो आर्थिक,
सामाजिक,और मानसिक मुख्य हैं।
लॉकडाउन के समय से आज तक सभी व्यापारियों को कुछ न कुछ मुश्किल आई ही हैं। जैसे कारखानों में कारीगरों का घर वापसी,कच्चे माल की अलभ्यता ,बिक्री नहीं हो पा रही है क्योकि लोगो की खरीदशक्ति कम हो रही हैं क्योंकि आमदनी कम हो गई हैं। कहां से व्यापारी देंगे इनको वेतन जब उनका ही काम नहीं चल पाया हैं।बहुत ही ऐसे ही प्रश्न हैं जो अभी अव्यक्त हैं।
सामाजिक प्रश्न भी हैं, जिनके बड़े विवाह योग्य बच्चे हैं उनके रिश्तों के लिए योग्य जीवनसाथी ढूंढने के लिए करोना प्रोटोकॉल के साथ आना जाना मुश्किल हो गया था।तय की शादियों को अंजाम देना और बहु लाना या लड़की को विदा करना भी एक चुनौति बन गया था।इतनी चुनौतियों का सामना कर के अब थोड़ी परिस्थिति सामान्य हुई हैं लेकिन अभी करोना का डर गया नहीं हैं।
एक डर सा घर कर गया है करोना का जिससे मानसिक रूप से लोगो को कमजोर कर गया हैं।लोग आदमी की उपस्थिति से डर रहे हैं,कैसा समय आ गया हैं?कुछ लोग तो घर से बाहर निकलने से डर रहे हैं।मानसिक डर बैठ गया हैं कि ऐसा करने से खुद संक्रमित हो जायेगा, या कोई परिवार के सभ्यों को भी हो सकता हैं संक्रमण ,इसी डर में अपने आप को शारीरिक और मानसिक रूप से कमजोर बना रहें हैं।
बच्चों के अभ्यास पर जो नकारात्मक असर पड़ रहा हैं,कैसे उबारेंगे उनको ये मानसिक हालत से? बच्चे भी सामान्य रूप से नहीं रह रहे हैं, दोस्तों के साथ खेलना नहीं मिलना उनके शारीरिक और मानसिक विकास में एक विघ्न सा आ गया हैं।कैसे उबारेंगे उनको इस परिस्थिति से?
हर देश की आर्थिक व्यवस्था तीतर–बितर हो गई हैं,सभी देशों के साथ अपने देश को भी उन्ही परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा हैं,सरकार जो भी मदद कर रहीं हैं गरीबों को और उद्योगों को, उसकी वजह से टैक्स में बढ़ोतरी होगी जिससे महंगाई बढेगी और उससे गरीबी बढ़ेगी।रोजगारी पर भी असर होगा ,बेरोजगारी बढ़ने से चोरी –चकारी भी बढ़ेगी और सामाजिक सुरक्षा के लिए खतरे पैदा हो जायेंगे।और आगे क्या करेगा करोना ये भी प्रश्न हैं।

जयश्री बिर्मी
निवृत शिक्षिका
अहमदाबाद

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