नहरों में एक जुलाई से पानी छोड़े जाने की उठी मांग, भारतीय किसान संघ ने सौंपा ज्ञापन

जबलपुर दर्पण । भारतीय किसान संघ जबलपुर द्वारा शनिवार को बरगी हिल्स में नहर विभाग के अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें नहरों की साफ-सफाई, मरम्मत और 1 जुलाई से नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग को प्रमुखता से उठाया गया। बैठक में जिले के विभिन्न तहसीलों से किसान व संघ के पदाधिकारी शामिल हुए।
धान की फसल पर मंडराया संकट
बैठक के दौरान पाटन तहसील अध्यक्ष मुकुल पचौरी ने बताया कि मानसून के विलंब से किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। कई किसानों ने धान के रोपा बो दिए हैं, लेकिन समय पर वर्षा न होने से फसल को नुकसान की आशंका गहराने लगी है। ऐसे में नहरों से जल आपूर्ति ही एकमात्र सहारा बनती नजर आ रही है।
जल्द सफाई और मरम्मत की मांग
जिला उपाध्यक्ष रामकृष्ण सोनी ने अधिकारियों से नहरों की शीघ्र सफाई और मरम्मत कराने की मांग की, ताकि नहरें सुचारु रूप से जल आपूर्ति के लिए तैयार रहें। उन्होंने कहा कि देरी की स्थिति में धान की बुआई प्रभावित होगी, जिससे क्षेत्रीय कृषि व्यवस्था पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा।
ज्ञापन सौंपकर की मुख्य मांग
भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष रामदास पटेल के नेतृत्व में मुख्य अभियंता के.एस. कुशरे को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में प्रमुख मांग रखी गई कि 1 जुलाई से नहरों में पानी छोड़ा जाए, जिससे किसान मानसून की अनिश्चितता के बावजूद धान की रोपाई शुरू कर सकें।
अधिकारियों ने दिया आश्वासन
मुख्य अभियंता कुशरे, कार्यपालन यंत्री पी.के. खत्री और अन्य अधिकारियों ने किसानों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया।



