जी 20′ पर राष्ट्रीय संगोष्ठी काशुभारंभ

जबलपुर दर्पण। वसुधैव कुटुम्बकम की सार्थकता इसमें है कि हम स्वस्थ, सुखी और आनंदित हों एवं अन्य राष्ट्रों को भी इस लक्ष्यको प्राप्त करने में सहायक बनें।”उपर्युक्त विचार संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि प्रो. हर्षवर्धन त्रिपाठी (वरिष्ठ पत्रकार एवं प्राध्यापक माखनलाल ‘चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय, भोपाल) के द्वारा अभिव्यक्त किए गए।
संत अलॉयसियस महाविद्यालय, जबलपुर के अर्थशास्त्र विभाग द्वारा भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद द्वारा प्रदत्त द्वि-दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। यह संगोष्ठी “जी-20 की आर्थिक अखंडता की दिशा में भारत की संभावनाएं वसुदेव कुटुंबकम का दर्शन विषय” पर आधारित है। संगोष्ठी का शुभारंभ प्रार्थना गीत एवं दीप प्रज्वलन के द्वारा किया गया। अतिथियों के स्वागत के उपरांत संगोष्ठी की संयोजिका डॉ. रीता चौहान के द्वारा संगोष्ठी के उद्देश्य पर प्रकाश डाला गया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ.फा. वलन अरासू ने अपने संदेश में कहा कि “जी. 20 आज एक विचारणीय विषय है जिसके माध्यम से संबंधित लोग तकनीकी क्षेत्र, पर्यावरण और आवागमन संबंधी क्षेत्रों में विभिन्न सुविधाएँ प्राप्त कर सकते हैं।”
बिशप जेराल्ड अल्मेडा ने आशीर्वचन दिया कि “भावी पीढ़ी को सक्षम, सफल और श्रेष्ठबनाने हेतु आर्थिक विकास के क्षेत्रों पर समुचित ध्यान देने, रोजगार के अधिक से अधिक अवसर तलाशने की आवश्यकता है।”कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि प्रो. एस. के. चौबे का उद्बोधनइस प्रकार था – “राष्ट्रकेसमग्र विकासहेतु यह आवश्यक है कि हम भी विविध क्षेत्रों में अपना सौ प्रतिशत समर्पण औरयोगदान दें।”उद्घाटन सत्र के दौरान संगोष्ठी की स्मारिका का विमोचन किया गया।उद्घाटन सत्र में मंच संचालन डॉ. रश्मि पतरस एवं डॉ. चित्रांशी वर्मा तथा आभार प्रदर्शन डॉ. रेनू मार्कण्डे द्वारा किया गया।



