राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ ने किया हरियाणा सरकार व मुख्यमंत्री का पुतला दहन

जबलपुर। विगत 8 माह से अधिक समय से तीन कृषि बिलों कानूनों को वापस करने की मांग को लेकर जहां दिल्ली सहित पूरे देश में किसान आंदोलन चल रहा है इसी क्रम में हरियाणा के करनाल में 28 अगस्त को किसान विविध समस्याओं को लेकर आंदोलन कर रहे थे लेकिन शांतिपूर्वक इस आंदोलन को हरियाणा की सरकार ने सारे नियमों और कानूनों को दरकिनार करते हुए सैकड़ों किसानों को लाठी चार्ज करके लहु-लुहान कर दिया और अत्याधिक चोट के कारण एक किसान श्री सुशील काजल जी पुलिस की कायराना साजिश के तहत गहरी चोट लगने से बुरी तरह घायल हो गए थे उसके बाद उनकी मौत हो गई। ऐसे किसान भाई की शहादत बेकार नहीं जाएगी, उक्ताशय के उद्गार आज कार्यक्रम में वक्ताओं ने व्यक्त करके उनको सभी ने श्रद्धांजलि भी अर्पित की। हरियाणा सरकार की इस बर्बरतापूर्वक कार्यवाही की तीखी निंदा करते हुए राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के पदाधिकारियों एवं किसानों ने एकत्रित होकर जबलपुर के हृदय स्थल मालवीय चौक पर विरोध प्रदर्शन करते हुए हरियाणा सरकार व मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया। इस अवसर पर महासंघ के महाकौशल प्रांतीय अध्यक्ष दीपक पचौरी, देवेंद्र शुक्ला, मनीष शर्मा, राकेश चक्रवर्ती, आर. के जैन , शैलेन्द्र सिंह, शुभम दुबे, अजय भटेले, मनीष साहू, आदि ने कहा कि किसानों के सिर फोडऩे का आदेश देने वाले एसडीएम और अन्य दोषी कर्मचारी अधिकारियों पर हत्या एवं हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया जाए व शहीद हुए किसान के परिवार को 25 लाख का मुआवजा एवं उसके परिवार को सरकारी नौकरी देने की मांग करते हुए शहीद किसान साथी को श्रद्धांजलि दी गई।



