जागरूक अधिकारी कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति ने सौपा ज्ञापन

जबलपुर दर्पण। मध्य प्रदेश जागरूक अधिकारी कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति के जिलाध्यक्ष रॉबर्ट मार्टिन के नेतृत्व में आज कलेक्टर के द्वारा मुख्य मंत्री के नाम एस.डी.एम मेघा पवार डिप्टी कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपकर प्रदेश के कर्मचारियों की 15 सूत्रीय मांगों का निराकरण अतिषीघ्र करने की मांग की गयी है। मुख्य मंत्री द्वारा कर्मचारियों को मिलने वाले आर्थिक लाभ को दिये जाने की बात तो कही जा चुकी है परंतु कब दी जायगी यह बात नहीं कही गयी जिससे कर्मचारियों में निराषा के साथ ही रोष व्याप्त है और कर्मचारी चाहते हैं कि उनकी मांगो को अतिषीघ्र पूरा किया जाए।
संघ ने आगे बताया कि प्रदेश के कर्मचारियों की 15 सूत्रीय महत्वपूंर्ण मांगो को प्रदेष सरकार द्वारा अतिशीघ्र पूरा किया जाए इसलिए मुख्य मंत्री महोदय् के नाम ज्ञापन सौंप कर कर्मचारियों की मांगो का निराकरण करने हेतु ज्ञापन सौंपा गया है। ज्ञात रहे कि प्रदेष के कर्मचारियों की 16 प्रतिशत मंहगाई भत्ते देने, षिक्षकों को उनके वेतनमान के अनुरूप पदनाम दिये जाने, पुरानी पेंषन बहाल किये जाने, अतिथि शिक्षकों को नियमित किये जाने, प्रदेष के समस्त संविदा कर्मियों को नियमित किये जाने, 25 वर्ष की सेवा पूंर्ण करने वाले कर्मचारियों को पूंर्ण पेंषन का लाभ दिये जाने जैसी तमाम मांगो को अतिषीघ्र पूरा करने हेतु मध्य प्रदेश जागरूक अधिकारी कर्मचारी संयुक्त समन्वय समित द्वारा जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्य मंत्री महोदय के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया है। जब तक कर्मचारियों की जायज मांगो का निराकरण नहीं किया जाता तब तक समिति द्वारा संघर्ष जारी रहेगा। जो प्रदेश के कर्मचारियों का हक है वह हम ले कर रहेंगे इस बात के लिए समिति दृढ़ संकल्प है।
संघ के जिलाध्यक्ष रॉबर्ट मार्टिन, मीनूकांत शर्मा, दिनेष गौंड़, स्टेनली नॉबर्ट, मुकेश प्रधान, एनोस विक्टर, हेमंत ठाकरे, सुनील झारिया, उमेष सिंह ठाकुर, कैलाष शर्मा, मानसिंह आर्मो, नीरज मरावी, राकेष श्रीवास, अरूण जैन, नीलेष खरे, अनूप डाहट, एस.बी.रजक, वसुमुद्दीन, विनोद सिंह, रामकुमार कतिया, शरीफ अहमद अंसारी, समर सिंह ठाकुर, त्रिलोक सिंह, अजय मिश्रा, अनूप सिंह मरकाम, अशोक परस्ते, शैलेष जैन, गिरीष कांत मिश्रा, गुडविन चार्ल्स, चैतन्य कुशरे, धर्मेन्द्र गुप्ता, अनूप सिन्हा, आषीष कोरी आदि ने मुख्य मंत्री से मांग की है कि कर्मचारियों की सभी लंबित मांगो का निराकरण शीघ्र किया जाए।



