पमरे ने अप्रैल से सितंबर तक रेल राजस्व में 26 अरब रुपये कमाये

जबलपुर दर्पण। भारतीय रेल की अर्थव्यवस्था रेल के पहियों की तरह आगे की ओर बढ़ रही है। इसी प्रकार कोविड की चुनौतियों के बावजूद पश्चिम मध्य रेल भी रेलवे आय की वृद्धि के लिए निरंतर प्रयासरत रहता है। नवागत महाप्रबंधक भी पमरे की रेलवे रेवेन्यू की वृद्धि के लिए उसी गति के साथ आगे की ओर बढ़ रहे है। पश्चिम मध्य रेल ने इस वर्ष 2021 के अप्रैल से सितंबर तक कुल रुपये 2600 करोड़ रेल राजस्व की आय अर्जित की है। गत वर्ष की कुल रेल राजस्व आय रुपये 1916 करोड़ थी जो कि 36 प्रतिशत अधिक है।
पमरे ने पैसेंजर यातायात में अप्रैल से सितंबर तक रेलवे रेवेन्यू रुपये 546 करोड़ जो कि गत वर्ष की रेवेन्यू रुपये 57 करोड़ की तुलना में 861 प्रतिशत रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। इसके अलावा अन्य कोचिंग रेवेन्यू से रुपये 66 करोड की आय अर्जित हुई है। इसी प्रकार पिछले छह माह से लगातार सबसे अधिक आय का भाग माल ढुलाई में पुनः वृद्धि रखते हुए माह अप्रैल से सितंबर 2021 तक पिछले वर्ष के इस अवधि की तुलना में अधिक रुपये 1923 करोड़ का राजस्व प्राप्त किया है। इसके अतिरिक्त संड्डरी रेवेन्यू में भी पिछले वित्तिय वर्ष के इस अवधि की तुलना में 14 प्रतिशत अधिक रुपये 66 करोड़ प्राप्त किया है। इस प्रकार पमरे ने अप्रैल से सितंबर 2021 तक रेल राजस्व की आय में कुल रुपये 2600 करोड़ में वृद्धि हुई जो कि इसी अवधि में पिछले वर्ष की तुलना 36 प्रतिशत अधिक है।
इस तरह पश्चिम मध्य रेल अर्थव्यवस्था में वृद्धि करते हुए यात्रियों की सुविधाओं एवं विकास के कार्यों में गति प्रदान के लिए निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं।
यात्री यातायात के लिए अधिक से अधिक सुविधाओं का विस्तार करके रेल यात्रा को सुरक्षित और बेहतर बनाया जा रहा है। पमरे में 94 प्रतिशत यात्री गाड़ियों का संचालन पुनः प्रारंभ और चरणबद्ध तरीके से इसे बढ़ाया जा रहा है। अब तक पमरे से प्रारंभ एवं गुजरने वाली कुल 740 से अधिक यात्री गाड़ियों का संचालन हो रहा है। इसके साथ ही यात्री यातायात के लिए मेल एक्सप्रेस के संचालन के साथ-साथ नयी प्रकार की मेमू ट्रेनों की यातायात को भी शुरुआत किया गया है। कोविड-19 प्रोटोकॉल के तहत सभी दिशा निर्देश का पूर्णतः से पालन करते हुए ट्रेनों का संचालन किया गया।
* फ्रेट लोडिंग की दिशाओं में बढ़ावा देने के लिए नये आयाम व्यापार विकास इकाइयां (बीडीयू) स्थापित किये गये। इसके अलावा 25 से अधिक नये लोडिंग स्ट्रीम से माल यातायात के लिए बढ़ावा दिया जा रहा है। फ्रेट लोड मालगाड़ियों की औसत गति में वृद्धि करके अलग-अलग रेल खण्ड की क्षमता में वृद्धि और इन्फ्रास्ट्रक्चर को भी बढ़ाया इसके साथ ही साथ ऑपरेशनल सुधार किये जा रहे हैं । गुड्स टर्मिनल की वर्किंग में सुधार करने के प्रयास एवं मालगाड़ियों के डिटेंशन को कम किया जा रहा। जिससे फ्रेट मालगाड़ियों के संचालन में तेजी आयी और अधिक से अधिक माल ढुलाई के लादान में वृद्धि हुई। अन्य यातायात के लिये पार्सल मैनेजमेंट सिस्टम शुरू किया गया साथ ही साथ एसएलआर की लीजिंग पर अधिक से अधिक मॉनिटरिंग किया जा रहा है। इसके अलावा संड्डरी आय के अंतर्गत लैंड लाइसेंसिंग और गैर किराया राजस्व (एनएफआर) बढ़ाने के लिए भी कार्य किया जा रहा है।
पश्चिम मध्य रेल के महाप्रबंधक श्री सुधीर कुमार गुप्ता के कुशल मार्गदर्शन में तीनों मण्डलों के मण्डल रेल प्रबंधकों के नेतृत्व में कार्य करते हुए गाड़ियों के सुचारू एवं संरक्षित परिचालन तथा उनकी समयबद्धता तथा माल गाड़ियों के सुगम एवं तेज परिचालन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।



