अजब-गजब मध्य प्रदेश की नई कहानी बोली लगाओ, कीमत चुकाओ और बन जाओ सरपंच

अजब-गजब मध्य प्रदेश की नई कहानी
बोली लगाओ, कीमत चुकाओ और बन जाओ सरपंच
आलेख :- आशीष जैन (जबलपुर दर्पण)
अजब-गजब मध्यप्रदेश की नई घटना सामने आई है। बोली लगाओ, कीमत चुकाओ और बन जाओ सरपंच। सर्व बिदित है कि अगर आपकी जेब में पैसा हो तो, आप हर चीज खरीद सकते हैं। ऐसा ही एक वाकया मध्यप्रदेश में सामने आया। जहां पर एक शख्स ने पैसों की दम पर बोली लगाकर, 44 लाख में सरपंच का पद खरीद लिया। यह संपूर्ण घटनाक्रम गांव के सभी नागरिकों-मतदाताओं की उपस्थिति में सर्वसम्मति से संपन्न हुई। चार प्रतिद्वंद्वियों में से इस शख्स ने ज्यादा रकम की बोली लगाकर सरपंच का पद खरीद लिया और घोषित रूप से गांववालों के लिए सरपंच चुन गया। इसके खिलाफ होने वाले चुनाव में कोई अन्य व्यक्ति नामांकन दाखिल नहीं करेगा और यह शक्स निर्विरोध सरपंच का चुनाव शतप्रतिशत जीत ही जावेगा।
मध्य प्रदेश राज्य के अशोकनगर जिले चंदेरी तहसील भटौली ग्राम पंचायत में यह घटना घटित हुई जिसमें गांव के ही सोभाग सिह नामक व्यक्ति ने 44 लाख की बोली लगाकर सरपंच का पद खरीदा और मध्य प्रदेश का पहला सरपंच चुन लिया गया। सरपंच के लिए लगी बोली में गांव के मंदिर में सभी ग्राम वासियों की बैठक आयोजित हुई और 21 लाख रुपए से सरपंच पद की बोली शुरू हुई। चार प्रतिद्वंदी अपने अपने स्तर से बोली लगाई अंत में 44 लाख रुपये की बोली लगाकर सोभाग सिह ने यह पद खरीद ही लिया और बन गया सरपंच भटौली ग्राम पंचायत का। बोली समाप्त होने के बाद सभी गांव वालों ने यह निश्चय किया कि सौभाग सिंह के खिलाफ कोई अन्य प्रत्याशी मैदान में नहीं उतरेगा। ग्रामीणों का कहना था कि बोली लगाने वाले व्यक्ति के द्वारा दी जाने वाली राशि ग्राम पंचायत और मंदिर के विकास के लिए खर्च की जाएगी। यह बात कितनी सत्य सुशोभित होती है देखना होगा।
मध्यप्रदेश के 52 जिलों में 859 जिला पंचायत सदस्य, 313 जनपदों के 6,727 जनपद पंचायत सदस्य, 22 हजार 581 सरपंच, 3 लाख 62 हजार 754 पंचों का त्रिस्तरीय चुनाव होना है। 114 ग्राम पंचायतों का कार्यकाल मार्च 2022 के बाद पूरा होगा, इस वजह से उनके चुनाव बाद में होगें। पहले चरण में 85 जनपद पंचायतों, 6,283 ग्राम पंचायतों, दूसरे चरण में 110 जनपद पंचायतों, 8,015 ग्राम पंचायतों और तीसरे चरण में 118 जनपद पंचायतों, 8,397 ग्राम पंचायतों के चुनाव होना प्रयोजित है। इसी तीसरे चरण में बोली लगाकर सुर्खियों में आया अशोकनगर जिले चंदेरी तहसील का यह भटौली गांव में भी निर्वाचन प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी। राज्य निर्वाचन आयोग की नियमानुसार अनुसार भले ही गांव वालों ने अपना सरपंच बोली के माध्यम से चुन लिया हो पर निर्वाचन की प्रक्रिया उसी अनुसार आयोजित होगी। नामांकन उसी प्रकार भरे जाएंगे, अगर बोली लगाने वाले शख्स के खिलाफ कोई और अन्य व्यक्ति नामांकन दाखिल नहीं करता तो निर्वाचन आयोग के नियमानुसार यह शख्स निर्विरोध चुनाव जीत जाएगा और सरपंच बन जाएगा। परंतु विचारणीय प्रश्न यह उठता है कि क्या लोकतंत्र में धन-बल की आवश्यकता इस कदर हावी हो चुकी है कि अधिक धनराशि देने वाले प्रत्याशी की योग्यता का निर्णय नही करते हुए इस प्रकार बोली लगाकर चुनना क्या सही है।



