जबलपुर दर्पण

श्री नरेंद्र मोदी जी, प्रधानमंत्री भारत सरकार

1984 के सिख विरोधी दंगों में न्याय की मांग और मुआवजा दिलाने का अनुरोध

जबलपुर दर्पण । आपसे करबद्ध निवेदन है कि 1984 के सिख विरोधी दंगों में देशभर में सिखों के खिलाफ हुई हिंसा और अत्याचारों की कभी भी पूरी तरह से न्यायिक प्रक्रिया नहीं हो सकी है। इन दंगों में हजारों बेगुनाह सिखों को मारा गया, उनके घर जलाए गए, और उनके जीवन को तबाह किया गया। अब तक इन दंगों के अपराधियों को पूरी तरह से सजा नहीं मिल पाई है। हाल ही में माननीय न्यायालय द्वारा सज्जन कुमार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई, लेकिन इसके बावजूद हम सिख समाज की यह अपील है कि सज्जन कुमार जैसे जघन्य अपराधी को फांसी की सजा दी जाए।भारत का सिख समाज इस समय आपसे करबद्ध निवेदन करता है कि आप सरकार के स्तर से इस मुद्दे को गंभीरता से लेकर न्यायालय में अपील दायर करें ताकि सज्जन कुमार और उन सभी व्यक्तियों को, जो इस दंगे में शामिल थे, कठोरतम सजा दिलाई जा सके। यह भी महत्वपूर्ण है कि जिन नेताओं और मंत्रीयों ने इस हिंसा को बढ़ावा दिया, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। मैं पूर्व विधायक एवं पूर्व मंत्री हरेंद्रजीत सिंह “बब्बू” के रूप में और हमारा पूरा परिवार आपसे यह पूछना चाहता है कि हमारे पिता को क्यों जिंदा जलाया गया? क्या मेरे पिता ने इंदिरा गांधी को मारा था? इस सवाल का उत्तर आज तक नहीं मिला और हम इस पर न्याय की उम्मीद करते हैं। इसके अतिरिक्त, रांझी में सिख युवकों महेन्द्रपाल सिंह कोहली डिप्टी और गुलबदन सिंह कोहली ‘लवली’ की हत्या हुई, लेकिन आज तक कोई दोषी पकड़ा नहीं गया। यह भी एक बड़ा सवाल है कि इन घटनाओं के दोषियों को क्यों नहीं सजा दी गई। हमारा सिख समाज हमेशा भारतवर्ष के लिए, सनातन धर्म के लिए अपने गुरुओं के साथ खड़ा रहा है और बलिदान दिया है। इतिहास में सिख गुरुओं के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता, विशेष रूप से गुरुगोविंद सिंह जी ने सनातन धर्म के लिए अपना सब कुछ न्यौछावर किया। सिख गुरुओं ने हमेशा देश की रक्षा के लिए अपनी जान दी और समाज के लिए अपने कर्तव्यों का पालन किया। लेकिन 1984 के दंगों में सिखों के तीर्थस्थलों को भी निशाना बनाया गया, जैसे ग्वारीघाट गुरुद्वारा और हाथीताल गुरुद्वारा। ये दोनों स्थान सिखों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, और दंगाइयों ने इनका भी नुकसान किया। यह न केवल धार्मिक बल्कि सामाजिक अन्याय था। हमारी अपील है कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा 1984 के दंगों में जिन सिख परिवारों के घर जलाए गए और जिन परिवारों के लोग मारे गए, उनके लिए मुआवजा जल्द से जल्द दिया जाए। अब तक कई पीड़ितों को मुआवजा नहीं मिला है। हम सरकार से यह भी अनुरोध करते हैं कि इस मामले में जल्दी न्याय सुनिश्चित किया जाए और सिख समाज को न्याय दिलाया जाए। हम पूरी आशा करते हैं कि आप इस गंभीर मुद्दे पर शीघ्र कार्रवाई करेंगे और सिख समाज को न्याय मिलेगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page

situs nagatop

nagatop slot

kingbet188

slot gacor

SUKAWIN88