लोकसेवा आयोग के कलेंडर के गड़बड़ाने से हजारों हुये ओवरएज

जबलपुर दर्पण। म.प्र.लोकसेवा आयोग ने 2021 का नोटिफिकेशन जारी किया है जिसमें आयुसीमा की गणना 1 जनवरी 2022 रखे जाने की वजह से मप्र के हजारों अभ्यर्थी अपात्र हो गए है। कोरोनकाल के साथ ही ओबीसी आरक्षण के मुद्दे की वजह से मप्र लोकसेवा आयोग ने 3 बार अपना कलेंडर परिवर्तित किया। 21 जनवरी 2021 को पहली बार आयोग के द्वारा जारी कलेंडर में MPPSC 2021 के नोटिफिकेशन को जारी करने की तिथि जून 2021, आयोग ने दूसरी बार 8 जुलाई 2021 को जारी संशोधित कलेंडर में MPPSC 2021 के नोटिफिकेशन की तिथि सितंबर 2021 तथा तीसरी बार 1 दिसंबर 2021 को जारी कलेंडर में आयोग ने MPPSC 2021 के नोटिफिकेशन की तिथि दिसंबर 2021 घोषित की। आयोग की कलेंडर गड़बड़ाने के चलते हजारों छात्र जो सालों से अपने मन मे लोकसेवक बनने का सपना संझौए हुए थे ओवरएज होने के कारण अपात्र हो गए है जिससे उनका भविष्य अंधकार में डूबने की कगार में है।
छात्रों ने बताया कि आयोग हमेशा से ही जिस वर्ष का विज्ञापन जारी करता है उसी वर्ष के 1 जनवरी से आयुसीमा की गणना करता है। आयोग को 2021 के नोटिफिकेशन को दिसंबर 2020 में जारी करना था जिसमे आयु की गणना 1 जनवरी 2021 से होनी थी परंतु ऐसा न होने औऱ विज्ञापन दिसंबर 2020 के बजाय दिसंबर 2021 में पूरे 1 वर्ष विलंब से जारी किया गया जिसमे आयु की गणना 1 जनवरी 2022 से किए जाने से अभ्यर्थियों के साथ अन्याय हुआ है और वे आज उस जगह खड़े है जहाँ से उनके लिए समस्त दरवाजे बंद हो चुके है। ऐसा ही हाल कुछ व्यावसायिक परीक्षा मंडल का है जहाँ विगत कई वर्षों से परीक्षाओ के आयोजन के न होने के चलते अभ्यर्थी ओवरएज हो चुके है।


