जबलपुर में है फर्नीचर उद्योग की प्रबल संभावनाएँ

जबलपुर दर्पण। देश में सबसे ज्यादा वन क्षेत्र और लकड़ी उत्पादन की क्षमता मध्यप्रदेश की है फिर भी यहां फर्नीचर, ब्लॉक बोर्ड लकडी के टुकड़ों से बनने वाला तख्ता बनाने की एक भी आईएसआई मार्का इंडस्ट्री नहीं हैं। प्लाईवुड निर्माण क्षेत्र में देश में हमारी हिस्सेदारी 1 प्रतिशत ही है तथा इसके प्रदेश में 8 ही बीआईएस लाइसेंसधारी उद्योग हैं। फेडरेशन म. प्र. चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्री के उपाध्यक्ष हिमांषु खरे ने जानकारी में बताया कि बीस हजार से अधिक एमएसएमई पंजीकृत फर्नीचर निर्माण के उद्योग हैं जिसमें 96 प्रतिशत सूक्ष्म इकाईयां हैं। जो लकड़ी से फर्नीचर निर्मित करती हैं। ऑफिस फर्नीचर का बाजार बीस प्रतिशत की दर से प्रतिवर्ष बढ़ रहा है। वर्तमान समय में क्लस्टर स्थापना की अनेकों योजनाएं सरकार द्वारा संचालित की जा रही हैं किंतु जबलपुर में फर्नीचर क्लस्टर की स्थापना आज तक नहीं हो पाई है। फेडरेशन अषोक कपूर, राजीव अग्रवाल, अरुण पवार, तथा अमरप्रीत छाबड़ा, शशिकांत पांडेय, आदि ने प्रदेश सरकार से मांग की कि जबलपुर में अत्याधुनिक फर्नीचर क्लस्टर, नवीनतम तकनीक सुसज्जित, कॉमन फेसीलिटी सेंटर की स्थापना का मार्ग प्रषस्त करें जिससे जबलपुर व आस-पास के टिंबर व्यवसाई अपने पुस्तैनी काम को नई दिशा प्रदान कर सकें।


