नारायणगंज में नहीं है बाजार और दुकान लगने की व्यवस्था

जबलपुर दर्पण। नारायणगंज जनपद पंचायत होने के साथ साथ लगभग 49 पंचायतों के लिए एक शिक्षा का केंद्र भी है जहां से अन्य पंचायतें शिष्टाचार, व्यवसाय आदि सबक लेती है। यहां से मिली हुई सीख ही अन्य पंचायतों के लिए एक आईने का कार्य करती है कि उन्हें किस तरह से अपनी पंचायतों में योजनाओ ओर शिष्टाचार व्यवसाय आदि की रूपरेखा बनाकर उतारना है ।
प्रत्येक ग्राम अपनी ही एक समस्या से ग्रसित है परंतु वह समस्या स्वयं पंचायतों के द्वारा निर्मित नही की गई वह समस्याएं या तो प्राकृतिक है या स्वयं से उत्पन्न हुई है। जिनके निदान के लिए पंचायतें दिन प्रतिदिन प्रयासरत रहती है। परंतु यह जानकर बहुत ही आश्चर्य होता है की जनपद पंचायत नारायणगंज जो कि मुख्यालय है अन्य पंचायतों का यहाँ समस्य या तो बुलाई जाती है या पैदा की जाती है हालांकि समस्य अनगिनत है जो कि सभी की नग्न आखों से दिख रही है जिम्मेदार व्यक्ति चाहे वो जनप्रतिनिधि हो प्रशासन हो या आमजन यह इंतजार कर रहे है कि कब किसी बड़ी घटना से नारायणगंज दो चार हो और एक बड़े जन समूह के द्वारा बबाल मचाया जाए। जी हां यहाँ हम बात कर रहे है नारायणगंज के बाजार की जो ग्राम के भीतर जाने वाली मुख्य सड़क है जो कि लगभग 14 मीटर की सड़क है इसे अतिक्रमण के माध्यम से महज 4 से 5 फ़ीट का ही छोड़ा गया है। मुख्य बस्ती के अंदर यदि किसी प्रकार की कोई अप्रिय घटना घट जाए तो उस घर तक किसी भी प्रकार की कोई चिकित्सा सुविधा सड़क पर लगी इन दुकानों के कारण नही पहुंचाई जा सकती।



