कटनी नकली तेल कांड का मास्टर माइंड महेश चंद्र जैन, शुभ लाभ के खेल में ठोस कारवाई कभी नहीं

ढीमरखेड़ा जबलपुर दर्पण । कटनी जिले में नकली खाद्य तेल के गोरखधंधे का असली चेहरा आखिरकार सामने आ गया है। श्रीजी इंटरप्राइजेज का मालिक महेश चंद्र जैन इस पूरे खेल का मास्टर माइंड निकला है। दिल्ली कोर्ट के आदेश पर हुई कार्रवाई में फैक्ट्री सीज कर दी गई, जहां बड़े पैमाने पर डुप्लीकेट ब्रांडों की पैकिंग हो रही थी।
महेश चंद्र जैन पर आरोप है कि वह लंबे समय से देश की बड़ी कंपनियों के नाम से मिलते-जुलते ब्रांड बनाकर नकली तेल की पैकिंग कर रहा था। पतंजलि के मशहूर महाकोश ब्रांड से मिलता-जुलता नाम महासुख रखकर उसने बाजार में अपनी पकड़ मजबूत कर रखी थी। इसके अलावा सूर्या, रेंज और गुलदस्ता जैसे नकली ब्रांड भी यहां तैयार किए जाते थे। लेकिन शुभ लाभ के खेल के कारण अधिकारियों ने कभी ठोस कार्यवाई नहीं की।
हवाला नेटवर्क भी
केवल नकली तेल ही नहीं, सूत्र बताते हैं कि जैन का कारोबार हवाला नेटवर्क से भी जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। यह खेल केवल मिलावट तक सीमित नहीं है, बल्कि अवैध पैसों के लेन-देन और कालेधन के संचालन से भी जुड़ा हुआ है। जो नकली तेल के खेल के लिए किया जाता है।
फटकार लगाकर मामला खत्म
गौरतलब है कि 24 फरवरी 2025 को भी श्रीजी इंटरप्राइजेज पर जिला प्रशासन ने छापा मारा था। उस दौरान तत्कालीन एसडीएम प्रदीप मिश्रा, तहसीलदार आशीष अग्रवाल और खाद्य सुरक्षा अधिकारी देविका सोनवानी की टीम ने फैक्ट्री के अंदर गंदगी और खुले टैंकरों से तेल भरकर पैकिंग करने की पुष्टि की थी। तब भी महेश जैन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के बजाय केवल फटकार लगाकर मामला खत्म कर दिया गया। नतीजा यह हुआ कि जैन का गोरखधंधा और तेज़ी से फलता-फूलता रहा।
क्या प्रशासन इस मास्टर माइंड महेश चंद्र जैन और उसके नेटवर्क तक पहुंचेगा
अब जब कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद फैक्ट्री सीज हुई है, तो सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रशासन इस मास्टर माइंड महेश चंद्र जैन और उसके नेटवर्क तक पहुंचेगा, या फिर एक बार फिर यह मामला “कार्रवाई” के नाम पर दबा दिया जाएगा?



