तिलहरी स्थित महाराष्ट्र बैंक एटीएम लूट कांड के दोनों आरोपी पुलिस गिरफ्त में

लूट की रकम 32 लाख 98 हजार रूपये एवं घटना में प्रयुक्त मोटर सायकिल,पिस्टल एवं कैश पेटी जप्त।
नगर संवाददाता/जबलपुर दर्पण। जबलपुर के तिलहरी बैंक ऑफ महाराष्ट्र एटीएम पर अज्ञात लुटेरो ने कैशियर राज बहादुर सिंह पिता विजय उम्र 34 वर्ष निवासी मटवारा भिटौनी शहपुरा एवं श्रेयांश ताम्रकर पिता भागवत ताम्रकार उम्र 28 वर्ष निवासी शाही नाका गढ़ा को गोली मारकर घायल कर दिया तथा कैश वाहन में बैठे गनमैन राजबहादुर पटैल पिता रामकुमार पटैल उम्र 45 वर्ष निवासी पान उमरिया जिला कटनी हाल निवासी साई मंदिर जवाहर नगर थाना आधारताल की गोली मारकर हत्या कर कैश की 1 पेटी लूट कर ले गये। घटना की गंभीरता को देखते हुए सरहदी जिलों को घटित हुई घटना से अवगत कराते हुये शहर एवं देहात में नाकबंदी प्वाईट लगाये गये। कैश वाहन के चालक अभिलाष यादव की रिपोर्ट पर थाना गोराबाजार में अपराध क्रमांक 39/2022 धारा 302,307,394,397,34 भा.द.वि, 25,27 आर्म्स एक्ट का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। दोनों आरोपी मनोज पाल एवं सुनील पाल जो बचपन से जबलपुर के आर्मी स्कूल में पढे थे,एवं जबलपुर के बारे में अच्छी तरह वाकिफ थे, 2017 में पारिवारिक विवाद एवं आर्थिक तंगी के कारण जबलपुर छोड गुजरात मे काम करने लगे,जहॉ काम करते हुये रातों-रात पैसा कमाने और आर्थिक तंगी दूर करने के लिये बैंक-एटीएम लूटने का प्लान बनाया, इनके लिए जबलपुर बेहतर विकल्प था,नवम्बर 2021 में गुजरात से जबलपुर आये एवं गुप्त रूप से कैंट क्षेत्र में महावीर कम्पाउंड अंतर्गत रिटायर्ड जेल अधिकारी के यहॉ किराये का कमरा लेकर रहने लगे, इस दौरान उन्होनें अपने बचाव के लिये किसी भी प्रकार के पहचान पत्र, किसी भी स्थान पर उपलब्ध नहीं कराये एवं मोबाईल का प्रयोग भी कहीं नहीं किया। दोनों ने जबलपुर शहर में घूमकर तिलहरी स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्रा के एटीएम को चिन्हित किया क्योंकि यह एटीएम बंद कैम्पस में एवं बाईपास के अत्यंत नजदीक था, जहॉ से निकलकर भागने में आसानी थी दोनों एटीएम मे पैसा डालने वाली कैश वैनों पर नजर रखने लगे एटीएम मशीन में कैश लोड होने के बाद जमीन पर पड़ी रबर की संख्या के आधार पर लोड होने वाले कैश का अंदाजा लगा लेते थे।घटना दिनॉक आरोपी योजना अनुसार आरसी.ग्राउंड से सुबह 10 बजे पहले बैंक के एटीएम गये,तत्पश्चात तिलहरी स्थित पैट्रोलपंप पर पैट्रोल डलवाया, और गोराबाजार के पास कैशवैन का इंतजार करने लगे, जैसे ही दोपहर 2-15 बजे के आसपास कैश वैन आते हुये दिखी तो ये वैन का पीछा करने लगे और वैन को ओवरटेक करते हुये वैन के पहुचने के कुछ समय पूर्व ही एटीएम पहुंच गये जैसे ही कस्टोडियन श्रेयांश ताम्रकार पेटी लेकर एटीएम की तरफ गये, जिनके पीछे दूसरे कस्टोडियन राजबहादुर सिंह आ रहा था तभी मनोज पाल ने पहले श्रेयांश ताम्रकार फिर राजबहादुर सिंह को गोली मारकर घायल कर दिया और कैश पेटी छीनकर कैम्पस से बाहर होने के बाद वैन मे बैठे गार्ड को भी गोली मारी, इसी दौरान अन्य आरोपी सुनील पाल ने कैश वैन मे बैठे गार्ड राजबहादुर पटेल को गोली मारकर हत्या कर दी, दोनों अपनी हॉण्डा शाईन गाड़ी से बरेला बाईपास की ओर भाग गये एवं गुप्त स्थान पर पेटी एवं गाड़ी छिपाकर कपडे बदलकर आटो से अपने कमरे आ गये एवं हेयर सेैलून मे बाल कटवाकर अपना हुलिया बदल लिया। घटना के दूसरे दिन आटो से वापस उसकी गुप्त स्थान पर पहुंचे एवं गाड़ी एवं पेटी में रखे कैश को लेकर अपने कमरे आये एवं कमरे से सामान उठाकर रीवा-सतना रोड से होते हुये अपने गृह निवास गांगपुर वाराणसी उ.प्र.निकल गये। घटना के बाद से ही केस पुलिस के लिए चुनौती बना था, जिसकी गंभीरता को देखते हुए 13 अलग-अलग टीमों में शामिल करीब 150 पुलिस अधिकारी-कर्मचारी दिन-रात जांच कर करते हुए आरोपियों को तलाश कर रहे थे
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