48 लाख की ठगी के आरोप में:अमित खम्परिया को मदन महल पुलिस ने दबोचा

नगर संवाददाता/जबलपुर दर्पण। मंडला जिले के चर्चित टोल प्लॉजा कांड जिसके संचालन द्वारा पर्यटकों से फर्जी तरीके से टोल वसूली मामले में सजा से दंडित व हाईकोर्ट से जमानत पर आय अमित खम्परिया की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। मदनमहल थाने से मिली जानकारी अनुसार संजीवनी नगर निवासी अमित खम्परिया ने टोल प्लाजा में पार्टनर बनाने के नाम पर बिल्डर सचिन गुप्ता से 48 लाख रुपए लेकर पीड़ित को न ही पार्टनर बनाया और न ही उसके पैसे वापस किए, समाज सेवक व टोल एव रेत कारोबारी अमित खम्परिया पर फिर से 48 लाख रुपए की ठगी के आरोप लगे है। पीड़ित के अनुसार पैसे मांगने पर दी जा रही थी धमकी समाजिक संगठन की आड़ में स्वयंभू अध्यक्ष बन कर रेत व टोल वसूली का कारोबार फल फूल रहा था मजेदार बात यह है कि आरोपी पुलिस के बड़े अधिकारियों का नाम लेकर भी पीड़ित को डराने धमकाने का काम कर रहा था। इस सब से परेशान होकर पीड़ित ने एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा से इस मामले की हिम्मत करके शिकायत कर दी। एसपी के निर्देश पर मदनमहल पुलिस ने जांच के बाद गुरुवार की रात धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। टोल प्लाजा के काम में अधिक कमाई का दिया था झांसा शिकायतकर्ता अनुसार वह इंटीरियर डिजाइनिंग व रियल इस्टेट का काम जबलपुर में करता है। कुछ समय पहले अमित खम्परिया से जान पहचान हुई थी। खम्परिया टोल प्लाजा व रेत का ठेका लेता है। इसमें लंबी कमाई होती है। इस धंधे में 25 से 50 प्रतिशत लाभ होता है। जबलपुर के बरेला व उत्तर प्रदेश के अमेठी स्थित टोल प्लाजा में पार्टनर बनाने की बात पर पैसा दिया था। पीड़ित सचिन ने तीन किस्तों में 1 करोड़ 26 लाख रुपए दिए थे। पैसे लेने और पार्टनर बनाने के बाद वह टोल प्लाजा से होने वाली कमाई एव टोल प्लाजा से निकलने वाले वाहनों की गलत जानकारी दे रहा था। इससे परेशान होकर अपने पैसे वापस मांगे थे। उसने घाटा बताकर 78 लाख रुपए किस्तों में दिए और शेष रकम वापिस करने में आनाकानी करने लगा। खम्परिया ने एनएचएआई की गाइड लाइन के विपरीत उसे टोल प्लाजा में पार्टनर बनाया था। जबकि नियम में कोई भी ठेकेदार किसी को पार्टनर नहीं बना सकता है। आरोपी को बचाने मदन महल थाने में रात भर चलता रहा हाईवोल्टेज ड्रामा
एफआईआर दर्ज होने के बाद अमित खम्परिया को मदनमहल पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद उसे बचाने शहर के नामी गिरामी लोग थाने पहुंच गए भोपाल से भी फोन पर दबाव बनाया गया लेकिन सारी मेहनत विफल हो गई पीड़ित ने नही सुनी किसी की बात:समझौते के लिए बनाया जा रहा था दबाव। गिरफ्तारी के बाद पीड़ित से शिकायत वापस लेने और समझौता करने का बनाया जा रहा था दबाव। रकम वापस करने की पेशकश को पीड़ित ने ठुकरा दिया था देर रात तक उनके बीच समझौते को लेकर बातचीत चलती रही, पीड़ित ने घटनाक्रम की जानकारी जबलपुर पुलिस अधीक्षक को की थी सीएसपी कोतवाली दीपक मिश्रा के अनुसार जांच के बाद प्रकरण दर्ज किया गया है। आरोपी को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा।



