भगवती की आराधना से पूर्ण होते है संपूर्ण मनोरथ : स्वामी नरसिंहदास

जबलपुर दर्पण। नवरात्रि के 8वें दिन की देवी मां महागौरी हैं। मां गौरी का वाहन बैल और उनका शस्त्र त्रिशूल है। परम कृपालु मां महागौरी कठिन तपस्या कर गौरवर्ण को प्राप्त कर भगवती महागौरी के नाम से संपूर्ण विश्व में विख्यात हुईं। भगवती महागौरी की आराधना सभी मनोवांछित कामना को पूर्ण करने वाली और भक्तों को अभय, रूप व सौंदर्य प्रदान करने वाली है अर्थात शरीर में उत्पन्न नाना प्रकार के विष व्याधियों का अंत कर जीवन को सुख-समृद्धि व आरोग्यता से पूर्ण करती हैं। उक्त उदगार नरसिंहपीठाधीश्वर परम पूज्यनीय डा स्वामी नरसिंह दास महाराज जी ने नरसिंह मंदिर शास्त्रीब्रिज मे नवरात्र महोत्सव पर रामचरितमानस नवान्ह परायण , जगतजननी की उपासना के अष्टम दिवस पूजन मे कहे।
पूज्य नरसिंह पीठाधीश्वर श्रीमद जगद्गुरुदेव भगवान की सूक्ष्म सानिध्य में चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर नव दिवसीय रामचरितमानस के नवाह्न परायण के सायं कालीन श्री रामचन्द्र जी की श्री नरसिंह भगवान की आरती पूज्य श्री नरसिंह पीठाधीश्वर स्वामी नरसिंह दास जी महाराज के सानिध्य में संपन्न हुई। इस अवसर पर स्वामी रामराजाचार्य, दीदी मनीषादास, शरद काबरा, विष्णु पटेल, प्रवेश खेडा, अंबर पुंज, राम जी अग्रवाल, लालमन मिश्र ,कामता गौतम, अनूपदेव महाराज, शिव उपाध्याय, प्रवीण चतुर्वेदी, संजय शास्त्री सहित नगर प्रशासनिक अधिकारीयो सहित भक्तों की उपस्थिति रही।



