आस्था का दंडवत 42% डिग्री तापमान:न धूप चुभी नं कंकड़ तौलिया लपेट दंड भरते श्रद्धालु

जबलपुर दर्पण जबेरा संवादताता। दमोह जिले के जबेरा ब्लाक अंतर्गत नवरात्रि के दिनों मे भक्तों के द्वारा भक्ति की शक्ति का परिचय दिया जाता है।जितनी कठिन साधना हो सके भक्तों के द्वारा की जाती हैं। चैत्र नवरात्रि के पर्व पर नवमी तिथि है को जिला मुख्यालय से 30 किमी दूर दसौदा गांव की बलखंडन माता के दरबार मे पहुचने वाले श्रद्धालु उघारे होकर दंड भरते हुये जाते है। भक्तों की भीड़ देखते ही बनती हैं चारों और श्रद्धालुओं की भीड़ ऐसी रहती है कि जगह ही कम पड़ जाती हैं।केवल वे ही लोग दंड भरते हुए जाते है जो घट की स्थापना करते है बाकी श्रद्धालु पैदल ही दर्शनों के लिए जाते है। दसौदा के बलखंडन दरबार मे सैकड़ों की संख्या मे कंकड़ पत्थरों के रास्तों मे होते हुए दंड भरते बलखंडन माता के दरबार मे पहुचते है। रास्ते मे होने वाले कष्ट आसमान से बरसती हुई धूप का उनके ऊपर कोई प्रभाव नही पडता और न ही थकान का एससास होता हैं। बलखंडन माता का चमत्कार है कि चौबीस क्षेत्र के गांव गांव से पंडा जवारे के घट लिए मीलों की दूरी तय कर मां के दरबार तक पहुचते है। सनातन काल से चली आ रही है पंरपरा आज भी उसी अंदाज से निभाई जा रही है ग्राम दसौदा सरपंच नन्हे सिंह ने बताया सैकड़ों वर्ष पहले मां बलखंडन पहाड़ी पेड़ के नीचें प्रकट हुई थी मां बलखंडन चमत्कार से श्रद्धालु चेत्र नवरात्रि पर्व पर घंट भंडारा लेकिन मीलों दूरी तय करके आतें मां मनोकामना पूरी करती हैं




