पाकिस्तान के विस्थापित हिन्दुओं को मिले भारतीय नागरिकता

जबलपुर दर्पण । पाकिस्तान,अफगानिस्तान और बांग्लादेश में हिन्दू पूर्णतः असुरक्षित हैं और उनकी जान मॉल पर लगातार हमले हो रहे हैं जिससे वे भारत में शरण लेने पर मजबूर हैं।परंतु भारत में उन्हे नागरिकता प्रदान करने हेतु सीएए कानून होने के बावजूद भी उन पर अत्याचार हो रहे हैं उनके घर तोड़े जा रहे हैं जबकि दूसरी तरफ अन्य धर्म के अवैध घुसपैठियों सहित खूंखार रोहिंज्ञाओं तक को वोट बैंक की खातिर यहां हर तरह की सुविधाएं देकर बसाया जा रहा है। उक्त बात मजहबी अत्याचारों के कारण विस्थापित होकर जैसलमेर में बसे लगभग 50 हिंदू शरणार्थी परिवारों के स्थानीय प्रशासन द्वारा तोड़ दिए गए मकानों के पुनर्निर्माण और सीएए कानून के तहत भारतीय नागरिकता प्रदान करते हेतु भारत रक्षा मंच द्वारा राष्ट्रपति के नाम सौंपे गए ज्ञापन में कही गई हैं।मंच के प्रांत अध्यक्ष डॉ. एच .पी. तिवारी ने बताया की
स्थानीय प्रशासन द्वारा घरों पर बुलडोजर चला दिए जाने के कारण इन 50 परिवारों के लगभग 150 लोग इस भीषण गर्मी में खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं।ज्ञापन सौंपते समय प्रांत अध्यक्ष डॉ.एच. पी. तिवारी,प्रांत मंत्री जीवेश पांडे,सुरभी जैन,विनीता पगारे,महानगर महामंत्री सूबेदार नरेंद्र मिश्रा,हेमंत श्रीवास्तव,नितेश तिवारी,सुषमा पासी,सुमन शर्मा,मधुबाला शर्मा,विनीता मिश्रा,संतोष मिश्रा,रामायण प्रसाद चौबे,राजेश जैन,सुमित प्यासी व अभय प्यासी सहित बड़ी संख्या में मंच के कार्यकर्ता उपस्थित थे।



