प्रशासन की लापरवाही से हो रहा जल का दुरुपयोग

सतना जबलपुर दर्पण । एक ओर जहां केंद्र और राज्य सरकारें जल संरक्षण को लेकर बड़े-बड़े अभियान चला रही हैं और करोड़ों रुपये खर्च कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर जनपद पंचायत उचेहरा के जिम्मेदार अधिकारी इस दिशा में गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। हालात यह हैं कि यहां खुलेआम जल का दुरुपयोग हो रहा है।ताजा मामला जनपद पंचायत उचेहरा का है, जहां पर प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी की गाड़ी की धुलाई कराई जा रही है। इस घटना ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।इससे पहले भी जनपद पंचायत में उपयंत्री हरनाम सिंह और उपयंत्री मीना अग्रवाल की गाड़ियों की धुलाई होते हुए देखी गई थी। उस समय सोशल मीडिया में मामला उजागर होने के बाद कुछ समय तक इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगी थी, मगर अब फिर से वही स्थिति देखने को मिल रही है।स्थानीय लोगों का कहना है कि नागौद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जो वर्तमान में उचेहरा के प्रभारी सीईओ भी हैं, की गाड़ी भी अक्सर धुलाई के लिए पानी की बर्बादी करते हुए देखी जाती है। जबकि ये वाहन निजी एजेंसी द्वारा विभाग में उपलब्ध कराए गए हैं और उनकी देखरेख की जिम्मेदारी भी एजेंसी की है। इसके बावजूद पानी की बर्बादी रोकने के प्रति कोई जिम्मेदारी नहीं निभाई जा रही है।शासन स्तर पर जल संरक्षण के लिए लगातार नारे, योजनाएं और वादे किए जा रहे हैं, लेकिन उचेहरा में उनका असर बिल्कुल नहीं दिख रहा है। यहां जल का दुरुपयोग खुलेआम किया जा रहा है, जिस पर तुरंत रोक लगाने और जिम्मेदारों पर कार्रवाई करने की मांग की जा रही है।



