हे भगवान क्या हो गया, अधिक बारिश में किसान हुआ बेचैन

जबलपुर दर्पण सिहोरा कूम्ही सतधारा। सिहोरा तहसील में पिछले दो-तीन दिनों से लगातार बारिश होने से हजारों गरीब किसान के चेहरों में मायूसी और चिंता की लकीरें प्राकृतिक आपदा ने खींच दिया है। बारिश के चलते मूंग और उड़द की खड़ी फसल पानी में डूबने से 80% फसल खराब हो चुकी है। किसानों ने बताया कि पिछले माह बिजली, खाद्म, पानी समय पर नहीं मिलने के कारण उड़द और मूंग की फसल उगने में लेट हो गई है, यह फसल अप्रैल, मई, जून तीन माह मै पककर तैयार हो जाती है। शुरुआत आषाढ़ माह की बारिश होने से किसानों ने फसल गाहनी नहीं कर पाये है। अचानक तीन चार दिन अधिक बारिश होने के कारण खेतों में पानी भर गया। यही वजय से फसल 80% खराब हो गई। कूम्ही सतधारा से जुड़े देवरी, लमतरा, सिघुली, भटली, सचुली, खिरहनी, कुकर्रा, हरदी, महगवां, पड़रिया, कचनारी, जुनवानी, खभरा, मढ़ा, सैलवारा, भण्डरा, ठकरवाह, तिघरा, समेत कई गांव के हजारों एकड़ के खेतों की फसल खराब हो गई है। भारतीय किसान संघ के जिला उपाध्यक्ष नन्दकिशोर परौहा, तहसील अध्यक्ष सुरेश पटेल, नगर अध्यक्ष सुनील जैन, संयोजक गजेंद्र दीक्षित का कहना है कि सभी फसलों में सबसे महंगी और सबसे कम दिनों में पकने वाली फसल उड़द मूंग मानी जाती है। जो प्रति क्विंटल 5 से 7हजार महंगी बिकती है। लेकिन अधिक बारिश होने के कारण प्रत्येक किसानों को लाखों का नुकसान हो गया है। कुछ किसान कर्ज लेकर उड़द मूंग की फसल जुताई, बुवाई किया था। ऐसे गरीब किसान लाखों के कर्ज में डूबने की कगार में पहुंच गए हैं।



