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कलेक्टर की आयोजित बैठक में निजी अस्पताल संचालकों हुए शामिल

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जबलपुर दर्पण नप्र। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष मे आयोजित बैठक में कलेक्टर ने निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम संचालकों से अपने संस्थानों में सुरक्षा के सभी जरुरी इंतजामों में फायर अलार्म सिस्टम को दुरुस्त रख कर समय समय पर उसकी जांच करते रहे एव अग्निशमन यंत्रों तथा इलेक्ट्रिकल मशीनरी के उपकरणों की गुणवत्ता पर ध्यान दें, स्टॉफ को यंत्रों के इस्तेमाल की तथा राहत एवं बचाव कार्य का प्रशिक्षण दें। नियमित समय पर फायर सेफ्टी ड्रिल आयोजित करने एवं फायर सेफ्टी आडिट कराने के निर्देश दिये गये हैं।

कलेक्ट्रेट सभाकक्ष मे आयोजित बैठक में ये रहे मौजूद :- कलेक्टर डॉ इलैयाराजा टी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई बैठक में डॉ जीतेन्द्र जामदार, नगर निगम आयुक्त आशीष वशिष्ठ, जिला पंचायत की सीईओ सलोनी सिडाना, अपर कलेक्टर शेर सिंह मीणा, सयुंक्त संचालक स्वास्थ्य डॉ संजय मिश्रा, डॉ राजेश धीरावाणी, सौरभ बड़ेरिया तथा सभी निजी अस्पतालों के संचालक एवं प्रबंधक मौजूद थे। बैठक के प्रारम्भ में न्यू लाईफ मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल में हुई अग्निदुर्घटना में मृत व्यक्तियों को दो मिनट का मौन रख श्रद्धांजलि दी गई ।

लपरवाही के कारण ऐसे हादसे दुबारा न हो :- कलेक्टर ने बैठक में कहा कि न्यू लाईफ मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल जैसी घटनाएं दुबारा न हो इसके लिये प्रशासन पूरी तरह सजग है। उन्होंने कहा कि मरीजों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं, निजी अस्पतालों को पंजीयन अथवा पंजीयन के नवीनीकरण के लिये सभी औपचारिकताओं एवं मापदंडों को पूरा करना होगा ऐसे अस्पताल जो औपचारिकतायें पूरी नहीं करेंगे उनका पंजीयन निरस्त कर दिया जायेगा।

निरीक्षण के लिए चिकित्सकों की बनी टीम:- ऐसे निजी अस्पताल जिनके पास फायर एनओसी नहीं है उनके विरुद्ध कार्यवाही की जायेगी। ऐसे निजी अस्पताल नये मरीज भर्ती नहीं कर सकेंगे। चिकित्सा अधिकारी द्वारा विशेषज्ञ चिकित्सकों को निजी अस्पतालों के निरीक्षण के लिये नियुक्त किया गया है। निरीक्षण के दौरान बताई गई कमियों को निजी अस्पतालों को दूर करना होगा अन्यथा संबंधित अस्पताल का पंजीयन निरस्त कर दिया जाएगा। इसके अलावा भी स्वास्थ्य, राजस्व, पुलिस, नगर निगम एवं विद्युत सुरक्षा विभाग की सयुंक्त टीम बनाई जायेगी जो निजी अस्पतालों का निरीक्षण करेगी और पंजीयन के लिये सभी जरूरी मापदंडों का परीक्षण करेगी।

अस्पतालों के फायर प्लान की जांच के आदेश :- प्रोविजनल फायर एनओसी की अवधि समाप्त होने के बाद टेम्परेरी फायर एनओसी के लिये आवेदन करने वाले अस्पतालों के फायर प्लान की जांच नगर निगम के फायर सेफ्टी अधिकारी करेगे साथ ही फायर प्लान की जाँच में पाई गई कमियों को दूर करने के बाद ही अस्पतालों को टेम्परेरी फायर एनओसी जारी की जाये। अस्पताल की कमियों को दूर नहीं करने वाले सभी अस्पतालों का पंजीयन निरस्त करने की कार्यवाही की जाएगी।

लापरवाही करने वाले निजी अस्पतालों पर प्रशासन हुआ सक्त :- मरीजों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले निजी अस्पतालों के विरुद्ध प्रशासन अपनी ओर से सख्त कार्यवाही करेगा ही, लेकिन निजी नर्सिंग होम एसोसिएशन और आईएमए को भी ऐसे अस्पतालों पर कार्यवाही करनी चाहिये। उन्होंने कहा कि न्यू लाईफ मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल में हुई दुर्घटना को देखते हुये नर्सिंग होम एसोसिएशन एवं आईएमए को ऐसे अस्पतालों की सदस्यता को समाप्त करने की कार्यवाही करनी होगी।

आम लोगों का प्रशासन व अस्पताल संचालकों के विरुद्ध बड़ता आक्रोश :- न्यू लाईफ मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल के फरार पार्टनर डॉक्टर सुरेश पटेल के होप हेल्थ क्लीनिक पर छात्रों द्वारा पथराव करके बोर्ड को तोड़ दिया गया एव सीएम से मांग की गई है कि बिना परमिशन एव एक डॉक्टर के नाम से कई अस्पतालो का पंजीयन कराकर बीएमएस डाक्टरों के हवाले करने वाले, जो जबलपुर शहर एव जिले के ग्रामीण इलाकों में कुकुरमुत्ते की तरह हॉस्पिटल फैला रहे है इन पर सक्त कार्रवाई कर इनकी हॉस्पिटल पर बुल्डोजर चलाने की मांग की गई है। घटना के दोषी सभी डॉक्टरों की प्रापर्टी जप्त कर उसे नीलाम किया जाय और उससे मिलने वाले पैसे को अग्नि हादसे में मृत एव घायलों को मुआवजा देना चाहिए। इन सभी छात्रों की प्रमुख मांग है।

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