चल गाँधी रहा है:भाग भाजपा रही है

जबलपुर दर्पण नप्र। राहुल गाँधी इन दिनों “भारत जोड़ों यात्रा” पर निकले है। उनके जूते और टी शर्ट की कीमतों और ब्रांड को लेकर भाजपा ने सवाल क्या उठाए पल भर में समाचार सुर्खी बन गए। कांग्रेस पार्टी पूर्णकालिक अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया से भी गुजर रही है। क्या राहुल गांधी इस पद को स्वीकारेंगे या गांधी परिवार से बाहर का कोई व्यक्ति इस पद पर आसीन होगा। भारत में आजादी से पहले महात्मा गांधी व बाद में चंद्रशेखर की यात्राओं का इतिहास किताबो में मिलता है। वहीं भाजपा के बहुत से नेताओं ने यात्रा निकालकर पार्टी का जनाधार बढ़ाने की कोशिश की है। कांग्रेस के द्वारा उठाये गये मुद्दों से जनता जुड़ती है तो पार्टी की यात्रा सफल होने की उम्मीद की जा सकती है। भारत के बारह राज्यों से गुजरने वाली पदयात्रा की शुरुआत कन्याकुमारी से हो गयी है। वह भी ऐसे वक्त में जब कांग्रेस पार्टी का जनाधार कम हुआ है। कांग्रेस के बड़े नेता एक-एक करके पार्टी को अलविदा कहकर अन्य पार्टियों में शामिल हो रहे है। भारत जोड़ो यात्रा के जरिये कांग्रेस पार्टी अपना जनाधार बढ़ाने की भरपूर कोशिश कर रही है। आने वाला वक्त बतायेगा कि कांग्रेस अपनी बात को किस हद तक लोगों तक पहुंचने में सफल हुई है। कांग्रेस की यह पदयात्रा जम्मू-कश्मीर में खत्म होने से पहले बारह राज्यों से गुजरेगी। यात्रा जहां नहीं जायेगी वहां कांग्रेस के स्थानीय नेता सहायक यात्राएं निकाल कर भारत जोड़ों यात्रा का संदेश जन जन तक पहुंचाने की कोशिश करेगे साथ ही हर राज्य में केंद्र सरकार को घेरने विशेष कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। कांग्रेस पार्टी ने 2024 के महासंग्राम के लिये कमर कस ली है। भारत जोड़ो यात्रा का नारा ‘मिले कदम, जुड़े वतन’ पार्टी के लिये कितना कारगर साबित होगा,यह आने वाला वक्त बताएगा, लेकिन इससे पार्टी संगठन में जान फूंकने में जरूर मदद मिल सकती है। भारत जोड़ो यात्रा की सफलता की उम्मीद कांग्रेस पार्टी कर सकती है। वहीं दूसरी ओर भाजपा इस यात्रा को ‘गांधी परिवार बचाओ आंदोलन’ की संज्ञा दे रही है।






