डी.पी.आई का अध्यापकों के साथ छलावा

आयुक्त के आदेश से अध्यापक संवर्ग खफा
जबलपुर दर्पण। मध्य प्रदेश जागरूक अधिकारी कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति के जिलाध्यक्ष रॉबर्ट मार्टिन ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्य से बताया कि आयुक्त लोक षिक्षण संचालनालय ने तुगलगी आदेष जारी कर अध्यापकों की प्रथम क्रमोन्नति को निरस्त किया था और आज दिनांक तक किसी भी प्रकार से कोई आदेष जारी कर क्रमोन्नति देने हेतु निर्णय नहीं लिया गया जिससे अध्यापक संवर्ग में रोष व्याप्त है।
संघ ने बताया कि आयुक्त लोक शिक्षण म. प्र. भोपाल द्वारा को आयुक्त लोकषिक्षण संचालनालय के द्वारा आदेश जारी कर प्रथम क्रमोन्नति के आदेश को निरस्त किया गया था जिसे पूरे देड़ वर्ष (18माह) बीत जाने के बाद भी किसी प्रकार का अध्यापक संवर्ग के हित में कोई निर्णय नहीं लिया गया। जो अध्यापकों के साथ अब तक बड़ा छलावा है। जबकि राज्य षिक्षा सेवा में संविलियन आदेश में प्रथम क्रमोन्नति देने का उदाहरण सहित उल्लेख है। और अभी तक निर्णय न लेना अध्यापकों के साथ सबसे बड़ा धोखा है। साथ ही कई षिक्षक सेवानिवृत्त हो गए हैं उन्हे क्रमोन्नति का लाभ नहीं मिला।
संघ ने आगे बताया कि आयुक्त लोक षिक्षण मध्य प्रदेश द्वारा जारी यह आदेश शिक्षाविभाग की छवि धूमिल करता है साथ ही यह लोक सेवकों के साथ छलावा है और इस आदेष् ा से लोक सेवकों को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने की मंषा है। यदि अध्यापक संवर्ग की सेवा अवधि की गणना नहीं की जाती तो संघ के द्वारा उग्र आन्दोलन किया जाएगा।
संघ के दिनेषगौंड़, राकेषश्रीवास, हेमन्त ठाकरे, सुनील झारिया, उमेष सिंह ठाकुर, आषाराम झारिया, एनोज़ विक्टर, रवि जैन, विनोद सिंह, रॉबर्ट फ्रांसिस, अजय मिश्रा, सुधीर पावेल, चैतन्य कुषरे, मनीष मिश्रा, संतोष चौरसिया, विष्वनाथ सिंह, मुकेष चंदेल, समर सिंह ठाकुर, त्रिलोक सिंह, कन्हैया लाल पटेल, विषाल सिंह, आकाष भील, नितिन तिवारी, आदेष विष्वकर्मा, मुकेष प्रधान, इमरत सिंह आदि ने आयुक्त लोक षिक्षण संचालनालय से मांग की है कि क्रमोन्नति देने के आदेष शीघ्र जारी किए जाए।



