शासन द्वारा कोटवारों को मिली जमीन, मुफ्त जमीन का कर दिया सौदा

शासन ने कोटवारों को जीवन यापन के लिए मुफ्त जमीन दी कोटवारों ने जमीन बेच खाया
सुभाष दुबे कटनी/केेेेमोर। शासन द्वारा वर्षों से थोड़े से मानदेय पर काम करने वाले कोटवारों को शहर सहित ग्रामीण अंचलों के कोटवारों को 5 से 10 एकड़ जमीने मुफ्त दी जिससे कोटवार रिटायर होने के बाद भूखे ना मरे और खेती किसानी कर अपना व अपने परिवार का भरण पोषण कर सकें लेकिन होशियार कोटवारों ने शहरी क्षेत्रों में मिली करोड़ों की लगभग 5 से 10 एकड़ जमीन भू माफियाओं के साथ मिलकर जमीनों के बढ़े हुए दाम का फायदा उठाते हुए बेच डाला जबकि शासन ने जमीन कोटवारों को भरण पोषण के लिए दिया था ना की बेचने के लिए तो आखिर कोटवारों ने जमीनी कैसे बेच दी ? और इन जमीनों की रजिस्ट्री कैसे कर दी गई ?
यहाँ है कोटवारों की जमीनें
कोटवारों को मुफ्त दी गई जमीन नो की कुछ जानकारी मिली जैसे कुशवाहा नगर में कोटवार को मिली जमीन को पटवारी व अन्य अधिकारियों की सांठगांठ पर बेच दी गई , कैलवारा फाटक आगे पटवारी व अधिकारियों की सांठगांठ पर जमीन खुर्दबुर्द कर दी गई , लखेरा में भी कोटवार ने सांठगांठ करते हुए जमीन बेचकर ऐश फरमा रहा है ऐसे ही कई कोटवारी जमीने है जिसकी प्रशासन बारीकी से जांच कराए तो सारे तिकड़मी तथ्य उजागर हो सकते हैं ।



